बुलंदशहर। छतारी कस्बा क्षेत्र के आजाद रोड मोहल्ला में गुरुवार देर रात करीब एक बजे एक दो मंजिला कच्चा मकान अचानक भरभराकर गिर गया। इस दर्दनाक हादसे में मकान के मलबे के नीचे 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला चंद्रकला, उनका बेटा राजेश (30) और पोता सचिन (20) दब गए। घटना की सूचना मिलते ही एनडीआरएफ, अग्निशमन विभाग, स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक टीमें तुरंत राहत व बचाव कार्य के लिए मौके पर पहुंच गईं।
मलबे से निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया
एडीएम वित्त अभिषेक सिंह के अनुसार, देर रात करीब दो बजे कड़ी मशक्कत के बाद बुजुर्ग महिला चंद्रकला को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला गया और तुरंत दानपुर सीएचसी भेजा गया। उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। इसके बाद तड़के तीन बजे राजेश और सचिन को भी मलबे से बाहर निकालकर प्राथमिक इलाज के लिए दानपुर सीएचसी ले जाया गया, जहां से दोनों को अलीगढ़ रेफर किया गया।
उपचार के दौरान चाचा-भतीजे की मौत
शुक्रवार सुबह अलीगढ़ में इलाज के दौरान राजेश और सचिन ने दम तोड़ दिया, जिससे पूरे परिवार में कोहराम मच गया और क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। मृतक सचिन के पिता ज्ञानचंद ने बताया कि चारों भाई अलग-अलग रहते हैं और सबसे छोटे भाई राजेश ही अपनी मां के साथ इस पैतृक मकान में रहते थे। सचिन अपने चाचा राजेश का अच्छा दोस्त था, इसलिए गुरुवार रात वह उनके पास ही सोने गया था, जहां इस हादसे ने दोनों की जान ले ली।
बचाव कार्य के लिए बुलाई गई विशेष गाड़ियां
एसपी देहात अंतरिक्ष जैन ने बताया कि मलबे में दबे लोगों को तेजी से निकालने और राहत कार्य के लिए अलीगढ़ से 'मल्टी डिजास्टर रिस्पांस व्हीकल' (MDRV) को मौके पर बुलवाया गया था। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान एसडीएम शिकारपुर प्रतीक्षा पांडे, एसपी देहात, सीओ डिबाई और सीओ अनूपशहर समेत करीब पांच थानों का पुलिस बल लगातार मुस्तैद रहा। वहीं, घायल बुजुर्ग महिला का अलीगढ़ में इलाज जारी है।


