भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में बहुचर्चित और सनसनीखेज रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल हत्याकांड मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। हत्याकांड के मुख्य आरोपी वरुण कुमार को पुलिस ने एक संक्षिप्त मुठभेड़ (शॉर्ट एनकाउंटर) के दौरान धर दबोचा। पुलिस हिरासत से भागने का प्रयास कर रहे इस आरोपी के पैर में पुलिस की जवाबी गोली जा लगी, जिसके तुरंत बाद उसे उपचार के लिए शहर के प्रतिष्ठित हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है।
आगरा से हुई गिरफ्तारी और भोपाल में मुठभेड़
पूर्व आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल की नृशंस हत्या के बाद से आरोपी वरुण कुमार पिछले करीब एक महीने से लगातार पुलिस को चकमा दे रहा था। मध्य प्रदेश के अलावा देश के अन्य राज्यों में उसकी सघन तलाश की जा रही थी और तकनीकी सर्विलांस के जरिए उसकी लोकेशन ट्रैक की जा रही थी। आखिरकार पुलिस टीम ने उत्तर प्रदेश के आगरा से उसे दबोचने में सफलता प्राप्त की और ट्रांजिट रिमांड पर उसे भोपाल लेकर आई। सोमवार, 2 नवंबर की देर रात को जब पुलिस टीम आरोपी को लेकर मुगलिया छाप क्षेत्र से गुजर रही थी, तब उसने पुलिसर्किमयों को धक्का देकर भागने की कोशिश की, जिसके बाद हुई मुठभेड़ में उसके पैर में गोली लग गई।
लूटे गए मोबाइल और सर्विलांस से खुला राज
वारदात को अंजाम देने के बाद शातिर आरोपी वरुण मृतक पूर्व आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल का मोबाइल फोन भी अपने साथ लेकर फरार हो गया था। पुलिस लगातार इसी मोबाइल की लोकेशन के आधार पर उसकी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थी। मोबाइल की अंतिम लोकेशन आगरा में मिलने के बाद पुलिस ने उत्तर प्रदेश का रुख किया था। शहर के तमाम प्रमुख स्थानों पर आरोपी के पोस्टर चस्पा किए गए थे। आखिरकार घटना के करीब 33 दिनों के लंबे अंतराल के बाद पुलिस ने तकनीकी और मैदानी मुस्तैदी के बल पर आरोपी को शिकंजे में कस लिया।
केयरटेकर द्वारा गला रेतकर हत्या और बैकग्राउंड
यह पूरा खौफनाक मामला भोपाल के सूरज नगर स्थित सूझबूझ से भरे इलाके का है, जहां आरोपी वरुण कुमार पूर्व आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल के आवास पर बतौर केयरटेकर काम करता था। गत 30 सितंबर की रात को इसी केयरटेकर ने बुजुर्ग रिटायर्ड आईएएस की गला रेतकर बेरहमी से हत्या कर दी थी और फरार हो गया था। भागने के दौरान रेलवे स्टेशन और अन्य जगहों के सीसीटीवी फुटेज भी सामने आए थे। इस उच्च-स्तरीय हत्याकांड के विरोध में आईएएस एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा था और पूर्व प्रशासनिक अधिकारियों की सुरक्षा पुख्ता करने की जोरदार मांग की थी।


