बांदा। उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज परिसर से एक बेहद विचलित करने वाली और मानवीय संवेदनाओं को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर (ओटी) ब्लॉक के हॉल में रखे गए एक मृत नवजात शिशु के शव को आवारा कुत्ते उठा ले गए और उसे बेरहमी से नोंच डाला। सुबह होने पर मासूम के हाथ और पैर अस्पताल परिसर से पचास मीटर की दूरी पर पड़े मिले, जबकि परिजन उसी हॉल में फर्श और बेंच पर सो रहे थे। इस अमानवीय घटना के सामने आने के बाद से अस्पताल प्रबंधन में हड़कंप मच गया है और प्रशासनिक स्तर पर कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
एंबुलेंस में प्रसव और ओटी ब्लॉक के हॉल में विश्राम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बांदा जिले के गिरवां अंतर्गत बड़ोखर खुर्द निवासी गनेश अपनी पत्नी गुड़िया को प्रसव पीड़ा होने पर रविवार की रात लगभग साढ़े ग्यारह बजे 102 नंबर एंबुलेंस के माध्यम से रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे थे। अस्पताल पहुंचने से पहले ही एंबुलेंस के भीतर महिला ने बच्चे को जन्म दे दिया था। इसके बाद प्रसूता को स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में भर्ती कराया गया। रात करीब साढ़े बारह बजे ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. सुशील ने मृत नवजात को परिजनों को सौंप दिया, जिसके बाद परिजनों ने वह शव गनेश की भाभी उषा को दे दिया था।
सोते समय आवारा कुत्तों द्वारा शव को उठा ले जाने की वारदात
देर रात होने के कारण प्रसूता के परिजन ओटी ब्लॉक के हॉल में ही रुक गए। हॉल की बेंच पर गनेश और फर्श पर उषा मृत नवजात के शव को लेकर लेट गए और थकान के कारण दोनों को गहरी नींद आ गई। इसी दौरान अस्पताल परिसर में घूमने वाले आवारा कुत्ते वहां पहुंचे और नवजात के शव को आसानी से उठाकर बाहर ले गए। तड़के करीब तीन बजे जब गनेश की आंख खुली, तो उन्होंने शव को गायब पाया। परिजनों ने घबराकर आसपास तलाश शुरू की, तो हॉल से करीब पचास मीटर दूर कॉरिडोर में नवजात के दोनों हाथ और दोनों पैर क्षत-विक्षत अवस्था में पड़े मिले, जबकि सिर और धड़ का कोई पता नहीं चल सका। इस हृदयविदारक स्थिति के बाद सुबह परिजनों ने क्षत-विक्षत अवशेषों को केन नदी में प्रवाहित कर दिया।
अस्पताल प्रशासन की सख्त कार्रवाई और सुरक्षा में गंभीर चूक
घटना की सूचना मिलते ही मेडिकल कॉलेज चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों के बयान दर्ज किए। इस गंभीर लापरवाही को संज्ञान में लेते हुए मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुनील कौशल ने सुरक्षा व्यवस्था में भारी चूक मानते हुए ड्यूटी पर तैनात तीन सुरक्षा गार्डों की सेवाएं तत्काल समाप्त करने के लिए पत्र लिखा है। इसके साथ ही, स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. मीनाक्षी से इस मामले में स्पष्टीकरण तलब किया गया है। शहर कोतवाल बलराम सिंह ने बताया कि पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।


