More
    Homeराज्यमध्यप्रदेशबिजली कर्मचारियों के अल्टीमेटम से बढ़ी चिंता, 7-8 नवंबर को प्रदेशभर में...

    बिजली कर्मचारियों के अल्टीमेटम से बढ़ी चिंता, 7-8 नवंबर को प्रदेशभर में काम बंद करने की चेतावनी

    भोपाल। प्रदेश में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के बाद अब बिजली विभाग के आउटसोर्स कर्मचारियों ने भी आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। आगामी दिवाली के त्योहार पर राज्य भर में बिजली संकट गहराने की आशंका बन गई है। मध्य प्रदेश की छह बिजली कंपनियों में कार्यरत लगभग 45 हजार आउटसोर्स कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए 7 और 8 नवंबर को दो दिवसीय ‘काम बंद आंदोलन’ की चेतावनी दी है। त्योहार के ऐन मौके पर सफाई व्यवस्था ठप होने और बिजली सप्लाई बाधित होने से आम जनता की परेशानियां बढ़ना तय माना जा रहा है।

    निष्ठा परिसर में हुई बैठक में लिया गया फैसला

    अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर मध्य क्षेत्र बिजली कंपनी के गोविंदपुरा स्थित ‘निष्ठा परिसर’ में आउटसोर्स कर्मचारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर चेतावनी दी गई कि यदि सरकार ने समय रहते उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो 7 और 8 नवंबर को प्रदेशव्यापी हड़ताल की जाएगी। चूंकि आउटसोर्स कर्मचारी ही बिजली व्यवस्था के दैनिक रखरखाव और तकनीकी खराबी सुधारने का मुख्य जिम्मा संभालते हैं, इसलिए दिवाली से ठीक पहले दी गई इस चेतावनी से प्रशासन में हड़कंप मच गया है।

    वेतन वृद्धि और ठेका प्रथा समाप्त करने की मांग

    कर्मचारी संगठनों का आरोप है कि वे लंबे समय से अपनी जायज मांगों को लेकर गुहार लगा रहे हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से केवल खोखले आश्वासन ही मिले हैं। कर्मचारियों की मुख्य मांगों में वेतन वृद्धि, संविलियन/नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू करना और बिजली विभाग से ठेका प्रथा को पूरी तरह समाप्त करना शामिल है। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक वे पीछे नहीं हटेंगे। यदि यह हड़ताल होती है, तो दिवाली के दौरान किसी भी तरह का बिजली फॉल्ट आने पर सुधार कार्य पूरी तरह ठप हो सकता है।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here