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    सालों का सपना हुआ पूरा, ग्वालियर में महज एक रुपए में मिला डबल डोर फ्रिज

    ग्वालियर। इस दीपावली ग्वालियर की रहने वाली सुमन कुशवाह के लिए खुशियां बेहद अनूठी रहीं। लंबे समय से घर में फ्रिज खरीदने का सपना देख रहीं सुमन को जब मात्र एक रुपये में डबल डोर फ्रिज मिला, तो उनकी प्रसन्नता की सीमा नहीं रही। सुमन का कहना है कि उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि उनका यह अरमान सिर्फ एक रुपये के मामूली खर्च में पूरा हो जाएगा।

    नगर निगम की अनूठी पहल से गरीबों को राहत

    यह कमाल ग्वालियर नगर निगम की ‘स्वच्छ दिवाली 01 रुपये वाली’ अनूठी पहल की बदौलत संभव हो सका। इस अभियान के तहत शहरवासियों के घरों से ऐसे पुराने सामान को एकत्र किया गया जो उपयोग में तो आ सकता था लेकिन लोग उसका त्याग कर चुके थे। निगम ने इन वस्तुओं की आवश्यक मरम्मत करवाकर जरूरतमंद परिवारों को महज एक रुपये की प्रतीकात्मक कीमत पर उपलब्ध कराया। इस योजना ने एक तरफ जहां स्वच्छता अभियानों को गति दी, वहीं दूसरी ओर वंचित वर्गों के चेहरों पर मुस्कान बिखेर दी।

    फूलबाग के 3आर सेंटर पर हुई वस्तुओं की छंटाई

    शहरभर से जुटाए गए सामान को फूलबाग स्थित 3आर यानी रिड्यूस, रीयूज और रीसाइकिल सेंटर पर लाया गया। यहां कर्मचारियों ने सभी चीजों की बारीकी से जांच कर छंटाई की। जिन वस्तुओं में मामूली खराबी थी, उन्हें दुरुस्त करके दोबारा इस्तेमाल लायक बनाया गया। इस पूरी कवायद का मुख्य उद्देश्य उपयोगी सामान को कबाड़ में तब्दील होने से बचाना और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना था।

    एक व्यक्ति को दी गई अधिकतम पांच वस्तुएं

    इस व्यवस्था के अंतर्गत जरूरतमंदों को कपड़ों और किताबों के साथ-साथ अन्य घरेलू जरूरत का सामान भी प्रति वस्तु एक रुपये की दर से बांटा गया। हर जरूरतमंद व्यक्ति को अधिकतम पांच वस्तुएं लेने की छूट दी गई थी, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद परिवार इस लाभ से वंचित न रहें। मामूली दाम पर घरेलू सामान मिलने से कमजोर आय वर्ग के लोगों को त्योहार के दिनों में बड़ी आर्थिक राहत मिली।

    साझा जिम्मेदारी और संसाधनों के सही इस्तेमाल पर जोर

    अपर आयुक्त टी. प्रतीक राव के अनुसार इस अभियान का मूल उद्देश्य कचरे के कचरे को कम करना, उपलब्ध संसाधनों का सदुपयोग करना और समाज में परस्पर सहयोग की भावना जगाना है। निगम के विभिन्न क्षेत्रीय कार्यालयों के जरिए बड़े पैमाने पर सामान का वितरण किया जा रहा है, जिससे जरूरतमंदों की मदद होने के साथ-साथ नगर निगम को आय भी हो रही है। ग्वालियर नगर निगम की यह प्रेरणादायक पहल साबित करती है कि घरों में बेकार पड़ी पुरानी चीजें किसी जरूरतमंद के जीवन में बड़ा उजाला ला सकती हैं।

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