लखनऊ। राज्य कर विभाग में तैनात वरिष्ठ अधिकारी एवं डिप्टी कमिश्नर अनुपम सरोज का स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) का आवेदन उत्तर प्रदेश शासन द्वारा औपचारिक रूप से स्वीकार कर लिया गया है। राज्य कर अनुभाग-एक की ओर से जारी किए गए आधिकारिक आदेश के तहत अनुपम सरोज को 31 अक्तूबर 2026 से सरकारी सेवा से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति प्रदान कर दी गई है।
वीआरएस आवेदन और प्रशासनिक स्वीकृति की प्रक्रिया
डिप्टी कमिश्नर अनुपम सरोज ने सरकारी सेवा से वीआरएस प्राप्त करने के लिए 11 जून 2026 को अपना औपचारिक आवेदन पत्र विभाग को सौंपा था। इसके पश्चात राज्य कर मुख्यालय की संस्तुति के साथ उनका आवेदन पत्र 17 जुलाई को शासन स्तर पर प्रेषित किया गया। तत्पश्चात 21 अक्तूबर को ई-मेल के माध्यम से किए गए विशेष अनुरोध पर गहन विचार-विमर्श करने के बाद शासन ने उनके स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के प्रस्ताव पर अपनी अंतिम मुहर लगा दी।
चुनावी राजनीति में उतरने की सुगबुगाहट और अटकलें
सरकारी सेवा से वीआरएस की मंजूरी मिलते ही अनुपम सरोज के सक्रिय राजनीति में प्रवेश करने को लेकर चर्चाओं का बाजार काफी गर्म हो गया है। राजनीतिक गलियारों में यह अटकलें तेजी से तैर रही हैं कि वे सीतापुर जिले की अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सिधौली विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के सिंबल पर आगामी चुनाव लड़ सकती हैं। हालांकि, इस संभावित राजनीतिक कदम को लेकर अभी तक न तो अनुपम सरोज की ओर से और न ही संबंधित राजनीतिक दल के आधिकारिक स्तर से कोई औपचारिक घोषणा या पुष्टि की गई है।
प्रतिष्ठित राजनीतिक पृष्ठभूमि और पारिवारिक नाता
अनुपम सरोज का एक लंबे समय से सशक्त और प्रतिष्ठित राजनीतिक परिवार से सीधा नाता रहा है। वे समाजवादी पार्टी की वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद सुशीला सरोज की सुपुत्री हैं, जबकि उनके पति अनुराग भदौरिया समाजवादी पार्टी के प्रमुख राष्ट्रीय प्रवक्ता के रूप में जाने-माने चेहरा हैं। ऐसे में प्रशासनिक सेवा से अचानक समय पूर्व सेवानिवृत्ति लेने के इस बड़े फैसले को प्रदेश की राजनीति में उनके प्रत्यक्ष पदार्पण से जोड़कर देखा जा रहा है।


