किशनगढ़ बास में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम की परंपरा बहाल करने की मांग, व्यापार महासंघ ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
मिशनसच न्यूज , किशनगढ़ बास।
राजस्थान के नवगठित जिले खैरथल के अंतर्गत आने वाले उपखंड किशनगढ़ बास में वर्षों से चली आ रही राष्ट्रीय पर्वों की परंपरा अब टूटती नजर आ रही है। इसी विषय को लेकर गुरुवार को व्यापार महासंघ किशनगढ़ बास के प्रतिनिधिमंडल ने अध्यक्ष परमानंद लख्यानी के नेतृत्व में जिला कलेक्टर किशोर कुमार से मुलाकात की और आगामी स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त पर उपखंड स्तर पर कार्यक्रम आयोजन की पुरानी परंपरा को पुनः शुरू करने की मांग की।
वर्षों से होती आ रही थी उपखंड स्तरीय आयोजन की परंपरा
गौरतलब है कि किशनगढ़ बास उपखंड मुख्यालय पर स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्वों का सामूहिक आयोजन सरकारी और गैर सरकारी संस्थाओं की सहभागिता से होता आ रहा था। यह आयोजन केवल औपचारिकता न होकर पूरे कस्बे की भागीदारी वाला उत्सव बन चुका था, जिसमें स्थानीय स्कूलों, समाजसेवियों, व्यापारियों और आम नागरिकों की भागीदारी रहती थी।
खैरथल जिला बनने के बाद बंद हुई परंपरा
हालांकि, तिजारा-खैरथल को जिला घोषित किए जाने के बाद यह परंपरा अचानक टूट गई। अब इन राष्ट्रीय आयोजनों का केंद्रीकरण खैरथल जिला मुख्यालय पर हो गया है, जिससे किशनगढ़ बास उपखंड की स्थानीय भागीदारी मूल रूप से खत्म हो गई है।
स्थानीय लोगों और व्यापारिक संगठनों का कहना है कि किशनगढ़ बास से खैरथल की दूरी लगभग 10 किलोमीटर है, जो छोटे बच्चों, बुजुर्गों और आम नागरिकों के लिए पहुंच से बाहर है। पहले जहां लोग अपने कस्बे में गर्व से ध्वजारोहण, सांस्कृतिक कार्यक्रम और शहीदों को श्रद्धांजलि देते थे, अब वहां सिर्फ आमंत्रित अधिकारी और विशिष्टजन ही मुख्य कार्यक्रम में शामिल हो पाते हैं।
व्यापारी संगठनों ने जताई नाराजगी
व्यापार महासंघ अध्यक्ष परमानंद लख्यानी ने कहा कि “यह केवल एक आयोजन की मांग नहीं है, बल्कि एक संवेदनशील परंपरा की पुनर्स्थापना की अपील है।” उन्होंने आगे कहा कि राष्ट्रीय पर्वों को केवल राजकीय औपचारिकता नहीं, बल्कि जन भागीदारी और राष्ट्रप्रेम का प्रतीक बनाया जाना चाहिए।
ज्ञापन सौंपते समय उनके साथ किरयाना यूनियन अध्यक्ष मदन अग्रवाल, रेडीमेड यूनियन अध्यक्ष जनेश भूटानी, लघु उद्योग संघ अध्यक्ष हरमेश खुराना, टेंट एसोसिएशन अध्यक्ष अनिल खुराना और टेलर संगठन के अध्यक्ष प्रभु दयाल चंदनानी भी उपस्थित थे।
आमजन में भी नाराजगी और पीड़ा
व्यापारी प्रतिनिधियों ने बताया कि स्थानीय नागरिकों में गहरा असंतोष है। कई सामाजिक संस्थाएं, स्कूलों के शिक्षक, विद्यार्थी और अभिभावक चाहते हैं कि वे फिर से अपने ही उपखंड मुख्यालय पर ध्वजारोहण और सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग ले सकें। वर्तमान में जब कार्यक्रम खैरथल स्थानांतरित कर दिए गए हैं, तब अधिकांश लोग केवल दूर से समाचारों के माध्यम से ही इसका हिस्सा बन पाते हैं।
स्वतंत्रता दिवस केवल रस्म नहीं, सामूहिक भावना है
परमानंद लख्यानी ने प्रशासन को यह भी अवगत कराया कि किशनगढ़ बास की जनता सिर्फ आयोजन की मांग नहीं कर रही, बल्कि राष्ट्रीय चेतना और लोकतांत्रिक भागीदारी की भावना से जुड़ाव चाहती है। यह केवल एक राजनीतिक या प्रशासनिक मुद्दा नहीं, बल्कि स्थानीय आत्मसम्मान का विषय बन चुका है।
प्रशासन से सकारात्मक आश्वासन की उम्मीद
व्यापार महासंघ ने उम्मीद जताई है कि जिला प्रशासन इस मांग को संवेदनशीलता से स्वीकार करेगा और आगामी 15 अगस्त 2025 को किशनगढ़ बास में भी उपखंड स्तर पर स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित करने की औपचारिक घोषणा शीघ्र करेगा।
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संक्षेप में:
मांग: किशनगढ़ बास में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम फिर से शुरू हो
नेतृत्व: व्यापार महासंघ अध्यक्ष परमानंद लख्यानी
कारण: उपखंड स्तर पर वर्षों से हो रही परंपरा अब बंद
समस्या: खैरथल की दूरी, आमजन की पहुंच से कार्यक्रम बाहर
उम्मीद: जिला कलेक्टर जल्द करेंगे पुनः आयोजन की घोषणा


