More
    Homeधर्म-समाजक्या विश्वकर्मा पूजा पर कार या वाहन में नींबू लटकाना चाहिए?

    क्या विश्वकर्मा पूजा पर कार या वाहन में नींबू लटकाना चाहिए?

    हर साल जब विश्वकर्मा पूजा का समय आता है, तो फैक्ट्रियों, दुकानों और घरों में मशीनों की सफाई और सजावट शुरू हो जाती है. इस दिन मशीनों, औजारों और वाहनों की पूजा की जाती है. ऐसा माना जाता है कि भगवान विश्वकर्मा ही उन सभी यंत्रों के निर्माता हैं, जिनसे हमारा जीवन आसान होता है. इस मौके पर एक सवाल अक्सर सामने आता है-क्या इस दिन वाहन में नींबू टांगना कोई खास धार्मिक नियम है या सिर्फ एक परंपरा? इस विषय में अधिक जानकारी दे रहे हैं

    नींबू टांगने की मान्यता
    कई लोग अपने वाहन के आगे एक नींबू और कुछ हरी मिर्च लटकाते हैं. आम तौर पर इसे बुरी नज़र से बचाव का तरीका माना जाता है. यह परंपरा कई सालों से चली आ रही है, लेकिन इसका कोई धार्मिक आधार नहीं है. खासकर विश्वकर्मा पूजा के दिन इसे करने का कोई धार्मिक नियम नहीं है. फिर भी कुछ लोग इसे अपनी निजी आस्था और सुरक्षा की भावना से जोड़कर देखते हैं.

    पूजा का सही तरीका
    विश्वकर्मा पूजा के दिन लोग अपने औजारों और वाहनों को अच्छे से धोते हैं, फूल और रंगों से सजाते हैं और पूजा करके भगवान का धन्यवाद करते हैं. ऐसा करना केवल एक धार्मिक क्रिया नहीं, बल्कि एक तरीका है अपने काम के साधनों के प्रति आदर जताने का. यह दिन उन सभी चीजों को महत्व देने का दिन है जो हमारे रोज़मर्रा के काम को आसान बनाती हैं.

    नए वाहन की खरीदारी
    अगर आप नया वाहन खरीदने का सोच रहे हैं, तो विश्वकर्मा पूजा का दिन एक अच्छा मौका माना जाता है. इस दिन नया वाहन लेना शुभ माना जाता है, क्योंकि इसे एक नई शुरुआत से जोड़ा जाता है. कई लोग इसी वजह से इस दिन गाड़ी बुक कराते हैं या डिलीवरी लेते हैं.

    क्या यह विश्वकर्मा पूजा से जुड़ा हुआ है?
    विश्वकर्मा पूजा का मूल भाव मेहनत, समर्पण और तकनीक के साधनों के प्रति सम्मान है. इस दिन औज़ारों और मशीनों को विश्राम दिया जाता है और उनकी उपयोगिता के लिए आभार जताया जाता है. लेकिन नींबू लटकाने की परंपरा सीधे तौर पर इस पर्व से जुड़ी नहीं है. यह एक अलग लोक परंपरा है जो समय के साथ विभिन्न अवसरों से जुड़ गई है.

    फिर भी कई लोग विश्वकर्मा पूजा के बाद अपने वाहन को सजाते हैं, उसकी पूजा करते हैं और उस पर नींबू लटकाते हैं. यह पूरी तरह से व्यक्तिगत सोच पर निर्भर करता है. कुछ इसे सुरक्षा का प्रतीक मानते हैं तो कुछ लोग इसे केवल एक रस्म समझते हैं.

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here