समृद्ध भारत अभियान के निदेशक सीताराम गुप्ता ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर नदबई को शिक्षा एवं वस्त्र उत्पादन हब घोषित करने की मांग की है। पत्र में शिक्षा, उद्योग, पर्यटन और आधारभूत विकास के लिए विशेष “नदबई विकास पैकेज” की सिफारिश की गई है।
मिशनसच न्यूज, भरतपुर।
पूर्वी राजस्थान के ऐतिहासिक कस्बे नदबई के समग्र विकास को लेकर समृद्ध भारत अभियान के निदेशक सीताराम गुप्ता ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर एक विशेष “नदबई विकास पैकेज” जारी करने का आग्रह किया है।
गुप्ता ने अपने पत्र में कहा है कि नदबई क्षेत्र कृषि उत्पादन की दृष्टि से भले ही अग्रणी हो, लेकिन यहां के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सीमित हैं। रोजगार की तलाश में युवा लगातार पलायन कर रहे हैं। इस स्थिति को बदलने के लिए नदबई को शिक्षा एवं वस्त्र उत्पादन हब के रूप में विकसित करने की आवश्यकता है।
उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि राज्य सरकार नदबई को एक “Education Hub” घोषित करे और यहां महिला सैनिक विद्यालय (Women Sainik School) की स्थापना की जाए। इससे क्षेत्र की बालिकाओं को सेना और राष्ट्र सेवा में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। गुप्ता ने कहा कि नदबई पहले से ही भरतपुर जिले की “शिक्षा नगरी” के रूप में पहचान बना चुका है और इस क्षमता को और विस्तार देने का समय है।
वस्त्र उत्पादन हब और “Made in Nadbai” ब्रांड की अवधारणा
पत्र में गुप्ता ने सुझाव दिया कि नदबई में पारंपरिक परिधान निर्माण, सिलाई और कढ़ाई कार्य को संगठित रूप से प्रोत्साहित किया जाए। इससे स्थानीय महिला उद्यमियों और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
उन्होंने “Made in Nadbai” ब्रांड की अवधारणा प्रस्तुत करते हुए कहा कि इस नाम से उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ा जा सकता है। यह नदबई को पूर्वी राजस्थान का प्रमुख Garments Production Hub बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।
औद्योगिक एवं रोजगार विकास की दिशा में ठोस सुझाव
गुप्ता ने अपने पत्र में प्रस्ताव दिया कि राज्य सरकार खटोटी गाँव में स्थित स्टेट फूड प्रोसेसिंग सेंटर को स्थानांतरित कर एक औद्योगिक क्षेत्र (Industrial Zone) के रूप में विकसित करे।
साथ ही MSME इकाइयों के लिए नदबई में एक Mini Industrial Area की स्थापना की जाए, जिससे स्थानीय स्तर पर उत्पादन, रोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा मिल सके।
सड़क, परिवहन और आधारभूत ढांचा विकास की जरूरत
पत्र में उन्होंने नदबई–हलैना मार्ग के चौड़ीकरण और उच्च स्तरीय डामरीकरण की आवश्यकता पर जोर दिया। इसके अलावा फुट ओवर ब्रिज, नया बस स्टैंड, पार्किंग कॉम्प्लेक्स और आधुनिक लाइटिंग सिस्टम की व्यवस्था करने की मांग भी की गई।
सांस्कृतिक और ग्रामीण पर्यटन को मिलेगा बल
गुप्ता ने नदबई के समीपवर्ती अखैगढ़ ग्राम को धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की सिफारिश की।
उन्होंने कहा कि अखैगढ़ का ऐतिहासिक गणगौर मेला और प्राचीन मंदिरों को राजस्थान के पर्यटन सर्किट में शामिल किया जाए।
साथ ही, अटारी ग्राम को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित कर “ग्रामीण विकास मॉडल” बनाया जा सकता है।
समृद्ध भारत अभियान की दृष्टि
सीताराम गुप्ता ने कहा कि नदबई में शिक्षा, कौशल, श्रम शक्ति और सांस्कृतिक चेतना का अद्वितीय संगम है। यदि इस क्षेत्र को योजनाबद्ध ढंग से विकसित किया जाए तो यह पूर्वी राजस्थान का प्रमुख शैक्षणिक, औद्योगिक और आर्थिक केंद्र बन सकता है।
उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि राज्य सरकार “नदबई विकास पैकेज” को मुख्यमंत्री मिशन 2030 और राज्य बजट में शामिल करे, जिससे इस क्षेत्र का संतुलित और समग्र विकास सुनिश्चित हो सके।

