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    जोधपुर कृषि विश्वविद्यालय में “वैज्ञानिक बकरी पालन” प्रशिक्षण शुरू

    कुलगुरु प्रो वी.एस. जैतावत ने कहा— “नौकरी लेने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बनें।” जोधपुर कृषि विश्वविद्यालय में सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ।

    मिशनसच न्यूज, जोधपुर।
    कृषि विश्वविद्यालय जोधपुर में बुधवार को किसान कौशल विकास केंद्र द्वारा सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम “वैज्ञानिक तरीके से बकरी पालन” का उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम 29 अक्टूबर से 4 नवंबर 2025 तक चलेगा।
    इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो (डॉ) वी.एस. जैतावत ने कहा कि आज देश को ऐसे युवाओं की आवश्यकता है जो नौकरी लेने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनें।

    उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया गया है। अब समय आ गया है कि किसान और युवा खेती के साथ-साथ पशुपालन, मछली पालन, मूल्य संवर्धन उत्पाद निर्माण, जैविक कृषि और उद्यमिता जैसे नए आयामों को अपनाएं। इससे न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि किसानों की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

    “कृषि के साथ विज्ञान का संगम जरूरी” — कुलगुरु जैतावत

    कुलगुरु प्रो जैतावत ने कहा कि पहले किसानों को वैज्ञानिक तकनीकों से जोड़ना एक चुनौती थी, लेकिन अब स्थिति बदल गई है। किसान खुद आगे बढ़कर नई तकनीक सीखने को तत्पर हैं। उन्होंने कहा कि कृषि के क्षेत्र में सफलता तभी मिलेगी जब विज्ञान, नवाचार और स्थानीय अनुभव एक साथ काम करेंगे।

    उन्होंने उपस्थित किसानों और युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे केवल पारंपरिक खेती तक सीमित न रहें, बल्कि आधुनिक तकनीकें अपनाकर अपने क्षेत्र में नई संभावनाएं तलाशें।

    प्रशिक्षण पुस्तिका का विमोचन

    उद्घाटन समारोह के दौरान “वैज्ञानिक बकरी पालन” प्रशिक्षण से संबंधित पुस्तिका का विमोचन किया गया। यह पुस्तिका प्रतिभागियों को प्रशिक्षण के दौरान वैज्ञानिक पद्धतियों, पशु प्रबंधन, पोषण और स्वास्थ्य देखभाल के व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी देगी।

    समारोह में किसान कौशल विकास केंद्र के प्रभारी डॉ. प्रदीप पगारिया ने स्वागत उद्बोधन देते हुए कहा कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों में युवाओं को अधिक से अधिक कौशल विकास कार्यक्रमों से जोड़ना समय की आवश्यकता है। उन्होंने प्रस्तुति के माध्यम से अब तक आयोजित प्रशिक्षणों, कोर्सेज और विश्वविद्यालय की प्लेसमेंट गतिविधियों की जानकारी साझा की।

    पश्चिमी राजस्थान के किसानों की बड़ी भागीदारी

    कार्यक्रम में राजस्थान के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में किसान और युवा शामिल हुए। यह क्षेत्र के कृषि नवाचार और पशुपालन के प्रति बढ़ती जागरूकता का संकेत है।
    नोडल अधिकारी डॉ. प्रियंका स्वामी ने कहा कि नई तकनीक सीखने के लिए किसानों का इस तरह एकजुट होना पश्चिमी राजस्थान के लिए एक सकारात्मक संकेत है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद किया और विश्वविद्यालय प्रशासन के प्रयासों की सराहना की।

    मंच संचालन और उपस्थित अधिकारी

    कार्यक्रम का संचालन डॉ. नीलिमा मकवाना ने किया। इस अवसर पर प्रशिक्षण अधिकारी डॉ. मनीष बेड़ा और अनिल यादव भी उपस्थित रहे।
    समारोह का समापन आभार ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें किसानों ने नव नियुक्त कुलगुरु प्रो जैतावत का स्वागत पुष्पमाला पहनाकर किया।

    कृषि विश्वविद्यालय की पहल

    कृषि विश्वविद्यालय जोधपुर का किसान कौशल विकास केंद्र निरंतर ऐसे कार्यक्रम आयोजित करता है जिनका उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, पशुपालन प्रबंधन और उद्यमिता कौशल से जोड़ना है।
    विश्वविद्यालय की यह पहल किसानों और युवाओं के लिए आत्मनिर्भरता की दिशा में एक मजबूत कदम है।

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