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    एनएच-248 पर गलत संकेत बोर्ड: द्वारापुर बना ‘द्वारपुर तिराया’, बांदरोल गांव का नाम भी गलत

    अलवर जिले के एनएच-248 मार्ग पर लगे संकेत बोर्डों में गंभीर त्रुटियां — द्वारापुर गांव का नाम ‘द्वारपुर तिराया’ और बांदरोल का नाम भी गलत लिखा गया। ग्रामीणों ने एनएच विभाग से सुधार की मांग की।

    मिशनसच न्यूज, थानागाजी (अलवर)।
    अलवर जिले के थानागाजी क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 248 (NH-248) पर लगाए गए संकेत बोर्डों में गंभीर त्रुटियां सामने आई हैं। यह त्रुटियां न केवल प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करती हैं, बल्कि यात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए असुविधा का कारण भी बन रही हैं।

    सड़क किनारे लगे कई साइनबोर्ड पर गांवों के नाम गलत तरीके से लिखे गए हैं। इनमें सबसे प्रमुख उदाहरण द्वारापुर गांव का है, जहां बोर्ड पर ‘द्वारापुर’ की जगह “द्वारपुर तिराया” लिखा गया है। इसी तरह, पास के बांदरोल गांव का नाम भी गलत अंकित किया गया है। ये त्रुटियां अब आम चर्चा का विषय बन गई हैं और क्षेत्रीय नागरिकों में नाराजगी का माहौल है।

    स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि एनएच-248 अलवर को जयपुर, सरiska और थानागाजी जैसे इलाकों से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है, लेकिन इस तरह की गलतियां सड़क प्रबंधन विभाग की गंभीर अनदेखी को दर्शाती हैं।
    थानागाजी निवासी गोपाल मीणा ने बताया — “यह बोर्ड करीब छह महीने पहले लगाए गए थे, लेकिन तब से अब तक किसी अधिकारी ने इन्हें ठीक करने की जरूरत नहीं समझी। यात्रियों को भ्रम होता है और कई बार लोग गलत दिशा में चले जाते हैं।”

    इसी तरह, गांव बांदरोल के पास के बोर्ड पर नाम की गलत वर्तनी दर्ज है, जिससे बाहर से आने वाले लोगों को गांव का नाम तक गलत बताया जाता है। ग्रामीणों ने बताया कि यह समस्या कई महीनों से बनी हुई है। एक अन्य ग्रामीण राजेश शर्मा ने बताया कि विभाग को कई बार सूचना दी गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।

    प्रशासन की लापरवाही उजागर
    इस मामले में जब एनएच विभाग के सहायक अभियंता (AEN) से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। स्थानीय लोगों का कहना है कि अधिकारी मौके पर आते ही नहीं, जिससे इस प्रकार की छोटी लेकिन महत्त्वपूर्ण त्रुटियां लंबे समय तक अनदेखी में पड़ी रहती हैं।

    ग्रामीणों ने बताया कि यह केवल नाम की गलती नहीं है, बल्कि प्रशासन की जिम्मेदारी पर सवाल है। सही संकेत बोर्ड यात्रियों की सुविधा, आपात स्थिति में दिशा-निर्देशन और क्षेत्र की पहचान के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।

    सुधार की उठी मांग
    गांववासियों ने मांग की है कि एनएच विभाग तत्काल कार्रवाई करे और सही नामों वाले नए संकेत बोर्ड लगाए जाएं। साथ ही, भविष्य में बोर्ड लगाने से पहले स्थानीय ग्राम पंचायतों से नामों की पुष्टि की जाए ताकि ऐसी गलतियां दोबारा न हों।

    ग्रामीणों ने यह भी सुझाव दिया कि विभाग प्रत्येक तिमाही में संकेत बोर्डों की स्थिति की समीक्षा करे — जिन बोर्डों पर नाम या दिशा में गलती हो, उन्हें तत्काल सुधारा जाए।

    स्थानीय संगठनों की प्रतिक्रिया
    थानागाजी के सामाजिक कार्यकर्ता रमेश यादव ने कहा — “ये गलतियां छोटी लगती हैं, लेकिन इनसे सरकारी कामकाज की गंभीरता झलकती है। यदि विभाग जल्द सुधार नहीं करता, तो हम सामूहिक रूप से ज्ञापन सौंपेंगे।”

    अलवर जिले के कई अन्य मार्गों पर भी संकेत बोर्डों में नाम और दिशा को लेकर त्रुटियों की शिकायतें पहले भी सामने आ चुकी हैं, लेकिन सुधार की गति बेहद धीमी है।

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