नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने रविवार को वायु प्रदूषण पर संसदीय बहस की मांग करते हुए सरकार से केंद्रीय बजट में इस समस्या से निपटने के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराने का आग्रह किया। उन्होंने एक फेसबुक पोस्ट में नागरिकों के संदेश पढ़े और खुद बनाए एक वीडियो में पीएम मोदी से वायु प्रदूषण को राष्ट्रीय स्वास्थ्य आपातकाल घोषित करने का आग्रह किया। राहुल गांधी ने इससे पहले 2025 के शीतकालीन सत्र में संसद में इस मुद्दे पर बहस की मांग की थी।
वीडियो में राहुल गांधी ने कहा कि अब समय आ गया है कि सरकार संसद में इस मुद्दे पर चर्चा की अनुमति दे और पीएम मोदी प्रदूषण को राष्ट्रीय स्वास्थ्य आपातकाल घोषित करें। हमें एकजुट होकर एक गंभीर योजना बनानी होगी…हमें यह तय करना होगा कि इस समस्या से निपटने के लिए बजट में पर्याप्त धन हो। इस पोस्ट को साझा करते हुए राहुल गांधी ने लिखा- पिछले कुछ दिनों में मैंने हजारों भारतीयों के संदेश पढ़े हैं जिनमें उन्होंने बताया है कि प्रदूषण उनके जीवन पर क्या असर डाल रहा है।
सबसे ज्यादा जो बात सामने आई वह थी डर- बच्चों के लिए, माता-पिता के लिए, आने वाले कल के लिए- जो भारत भर के शहरों में परिवारों द्वारा महसूस किया जा रहा है। प्रदूषण अब सिर्फ एक पर्यावरणीय मुद्दा नहीं है, यह एक राष्ट्रीय स्वास्थ्य आपातकाल है। संसद को इस पर चर्चा करनी चाहिए। सरकार को कार्रवाई करनी चाहिए और इस बजट में वास्तविक समाधानों के लिए वास्तविक संसाधन उपलब्ध कराए जाने चाहिए। भारतीय रिपोर्ट या बयानबाजी नहीं मांग रहे हैं। वे स्वच्छ हवा मांग रहे हैं।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक रविवार सुबह दिल्ली में वायु गुणवत्ता अत्यंत खराब श्रेणी में रहा, सुबह करीब 8 बजे एक्यूआई 318 दर्ज किया गया। उनकी ये टिप्पणी संसद के चल रहे बजट सत्र के बीच आई है, जहां वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2026-27 का बजट पेश किया। बजट सत्र 65 दिनों में 30 बैठकों तक चलेगा और 2 अप्रैल को समाप्त होगा। दोनों सदन 13 फरवरी को अवकाश के लिए स्थगित होंगे और 9 मार्च को फिर सत्र शुरू करेंगे ताकि स्थायी समितियां कई मंत्रालयों और विभागों की अनुदान मांगों की जांच कर सकें।
पीएम मोदी वायु प्रदूषण को राष्ट्रीय स्वास्थ्य आपातकाल घोषित करें


