भीलवाड़ा में इंटेक द्वारा आयोजित स्नेह मिलन समारोह में जिला न्यायाधीश राजेश जैन ने विरासत संरक्षण कार्यों की सराहना की। समारोह में शिक्षकों को सम्मानित किया गया और समाज से प्रकृति व विरासत बचाने की अपील की गई।
मिशनसच न्यूज, भीलवाड़ा।
इण्डियन नेशनल ट्रस्ट फॉर आर्ट एण्ड कल्चरल हेरिटेज (INTACH) भीलवाड़ा चैप्टर द्वारा आयोजित स्नेह मिलन समारोह में जिला न्यायाधीश राजेश जैन ने संस्था के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि “प्रकृति और विरासत का संरक्षण हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।” उन्होंने शिक्षकों को इस दिशा में निभाई जा रही अहम भूमिका के लिए सम्मानित किया।
कार्यक्रम में न्यायाधीश जैन ने कहा कि इंटेक संस्था द्वारा ऐतिहासिक धरोहरों और पर्यावरण के संरक्षण हेतु किए जा रहे प्रयास अत्यंत प्रेरणादायक हैं। उन्होंने कहा कि समाज के हर व्यक्ति को अपनी स्थानीय विरासतों की रक्षा और पहचान को सहेजने में भागीदार बनना चाहिए।
शिक्षकों का हुआ सम्मान
कार्यक्रम के दौरान उन शिक्षकों को प्रशंसा-पत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया जिन्होंने पिछले वर्षों में इंटेक की गतिविधियों में सक्रिय सहयोग दिया। इनमें वीरेन्द्र शर्मा, अल्पा सिंह, ऋतु दाधीच, मंजू छीपा, रुचि रस्तोग, प्रीति जैन, विजय शर्मा, चंदना मेहता, भाग्यश्री जैन, श्यामलाल खटीक शामिल हैं।
कन्वीनर बाबूलाल जाजू ने बताया कि समारोह का आयोजन होटल नंदिनी में किया गया, जिसमें जिला न्यायाधीश राजेश जैन और अधिवक्ता मुकेश जैन का भी अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम संयोजक सीए दिलीप गोयल ने बताया कि इंटेक संस्था ने वर्षों से विरासत एवं पुरातत्व संरक्षण को लेकर कई नवाचारी अभियान चलाए हैं।
विरासत संरक्षण पर मिले सुझाव
कार्यक्रम में इंटेक सदस्य ओ.पी. हिंगड़, रतनलाल दरगड, अब्बास अली बोहरा, मुकेश अजमेरा, दिनेश अरोड़ा, संदीप पोरवाल, आशीष पोरवाल, अनुग्रह लोहिया, ओमप्रकाश सोनी, रामगोपाल अग्रवाल, सुरेश सुराना, हरक लाल बिश्नोई, राजीव दाधीच, बिलेश्वर डाड आदि उपस्थित रहे।
सदस्यों ने प्रकृति और विरासत संरक्षण पर उपयोगी सुझाव प्रस्तुत किए और भविष्य में भी जनजागरूकता अभियानों को मजबूत करने पर बल दिया।


