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    भोपाल मेट्रो को ऑपरेट करने वाली पहली ट्रेन ऑपरेटर बनीं जान्हवी, 21 दिसंबर से आम सफर

    भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के लिए 20 दिसंबर का दिन इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया. पहली बार भोपाल में मेट्रो ट्रेन का संचालन शुरू हुआ. केंद्रीय शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सुभाष नगर मेट्रो स्टेशन से हरी झंडी दिखाकर भोपाल मेट्रो का शुभारंभ किया. ट्रेन ऑपरेटर जान्हवी गोस्वामी ने भोपाल मेट्रो को पहली बार ऑपरेट कर भोपाल मेट्रो के संचालन के साथ अपना नाम इतिहास में दर्ज करा लिया है. भोपाल मेट्रो को ऑपरेट करने वाली वो पहली ट्रेन ऑपरेटर बन गई हैं.

    दिल्ली मेट्रो से जान्हवी ने लिया है प्रशिक्षण

    मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के अधिकारियों ने बताया, "जान्हवी के अलावा 4 से 5 अन्य महिला स्टाफ भी हैं, जो भोपाल मेट्रो को ऑपरेट करेंगी. इसके साथ ही टिकटिंग में भी करीब 50 प्रतिशत महिला कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है." अधिकारियों ने बताया कि "जान्हवी समेत अन्य ट्रेन ऑपरेटर और स्टेशन ऑपरेटरों को दिल्ली मेट्रो से ट्रेनिंग दिलाई गई है. इसके साथ ही भोपाल मेट्रो में जो डिफरेंट सिस्टम है उसका अलग से प्रशिक्षण दिया गया है. दिल्ली मेट्रो के 115 दिनों को मिला दें तो इन कर्मचारियों को करीब 130 से 140 दिन की ट्रेनिंग दी गई है."

    21 दिसंबर से भोपाल वासी करेंगे मेट्रो का सफर

    20 दिसंबर को मेट्रो के कॉमर्शियन रन का शुभारंभ करने के बाद 21 दिसंबर से इसमें आम यात्री सफर कर सकेंगे. सुबह 9 बजे से शाम सात बजे तक भोपाल में मेट्रो का संचालन किया जाएगा. सुभाष नगर से एम्स, साकेत नगर तक मेट्रो दिन में 9 फेरे लगाएगी, जबकि एम्स से सुभाष नगर तक मेट्रो के 8 फेरे तय किए गए हैं. सुबह सबसे पहला मेट्रो का फेरा एम्स अस्पताल से सुबह 9 बजे शुरू होगा. यह 9.40 बजे सुभाष नगर पहुंचेगी. इसी तरह मेट्रो का अंतिम फेरा शाम 6.25 बजे सुभाष नगर से शुरू होकर शाम 7 बजे एम्स मेट्रो स्टेशन पर समाप्त होगा.

    स्टेशनों की संख्या के आधार पर लगेगा किराया

    मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के एमडी एस कृष्णा चैतन्य ने बताया, "भोपाल मेट्रो का किराया यात्रा किए गए स्टेशनों की संख्या के जोन में विभाजित किया गया है. जोन एक में 2 स्टेशनों का सफर करने के लिए 20 रुपए का किराया चुकाना होगा. जबकि जोन 2 में 3 से 5 स्टेशन शामिल होंगे. इनका किराया 30 रुपए रहेगा. इसी तरह 6 से 8 मेट्रो स्टेशनों को जोन 3 में रखा गया है. इसका किराया 40 रुपए रहेगा. भोपाल में अभी सुभाष नगर से एम्स तक करीब 7.5 किलोमीटर का प्रायोरिटी कॉरिडोर है. इसमें 8 मेट्रो स्टेशन शामिल हैं."

    मेट्रो में बच्चों ने किया सफर, शहरवासियों में उत्साह

    भोपाल मेट्रो की पहली सवारी सीएम और केंद्रीय मंत्री के साथ स्कूली बच्चों को भी कराई गई. ये बच्चे एम्स अस्पताल से भोपाल मेट्रो में बैठकर सुभाष नगर मेट्रो स्टेशन पहुंचे. मेट्रो की पहली सवारी करने पर बच्चों को गजब का उल्लास देखने को मिला. बच्चों के हाथ में तख्तियां रखी थीं, जिसमें भोपाल को मेट्रो की सौगात देने के लिए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को धन्यवाद लिखा था. इनके साथ ही शहर के कुछ प्रबुद्धजनों को भी भोपाल मेट्रो की पहली सवारी कराई गई. यात्रियों ने इसे भोपाल के लिए गर्व का पल बताया. यात्रियों का कहना था कि मेट्रो के संचालन के साथ ही भोपाल में ग्रीन परिवहन की शुरुआत हो गई है. भोपाल भी मेट्रो शहर बन गया है. आने वाले दिनों में यह बड़े महानगरों के साथ कदमताल करेगा.

    भोपाल मेट्रो की पहली ट्रेन ऑपरेटर बनी जान्हवी

    सुपरवाइजर ग्रेड–II (ऑपरेशंस) के पद पर कार्यरत जान्हवी गोस्वामी के लिए यह सफर बचपन की जिज्ञासा से शुरू होकर प्रोफेशनल कमांड तक पहुंचा है. रेलवे से जुड़े रिश्तेदारों के बीच पली-बढ़ी जान्हवी अक्सर पैसेंजर कोच में बैठकर बड़ी मशीनों को देखती और सोचती थी कि इतनी विशाल ट्रेनों को आखिर रोका कैसे जाता है. शनिवार को वहीं सवाल एक जिम्मेदार जवाब में तब्दील हो गया, जब उन्होंने भोपाल मेट्रो की पहली ट्रेन ऑपरेट की.

    जिम्मेदारी के साथ बदला नजरिया

    जान्हवी कहती हैं, "पहले नज़रिया अलग था. अब जब केबिन में बैठती हूं तो जिम्मेदारी का एहसास होता है." उन्होंने इंडियन रेलवे के पारंपरिक लोको पायलट सिस्टम से हटकर मेट्रो के आधुनिक ट्रेन ऑपरेटर रोल को एक नए दौर की पहचान बताया. जान्हवी गोस्वामी को मेट्रो के केबिन तक पहुंचने के लिए कॉम्पिटिटिव एग्जाम पास करना पड़ा. इसके बाद उन्होंने 114 दिनों की कड़ी ट्रेनिंग पूरी की. इस ट्रेनिंग का अहम हिस्सा दिल्ली मेट्रो में हुआ, जहां उनके इंस्ट्रक्टरों में महिलाएं भी शामिल थीं. जान्हवी इसे गर्व का विषय मानती हैं और कहती हैं कि यह महिला टेक्निकल एक्सपर्टाइज की मजबूत परंपरा को आगे बढ़ाता है.

    सागर से भोपाल तक का सफर

    सागर की रहने वाली जान्हवी एक सर्विस-ओरिएंटेड फैमिली से आती हैं. परिवार ने हमेशा उन्हें जिम्मेदारी और अनुशासन का पाठ पढ़ाया. यही वजह है कि मेट्रो के इस ऐतिहासिक लॉन्च को लेकर उनमें गर्व के साथ-साथ संयम भी दिखा.

     

     

      पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी दी शुभकामनाएं

      भोपाल मेट्रो का शुभारंभ होने पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी शहरवासियों को ट्वीट कर शुभकामनाएं दी. कमलनाथ ने लिखा कि "समस्त भोपाल वासियों को मेट्रो ट्रेन का शुभारंभ होने की हार्दिक शुभकामनाएं. मुझे खुशी है कि केंद्रीय मंत्री के रूप में मैंने जो पहल की थी और मुख्यमंत्री के रूप में जिस परियोजना का शिलान्यास किया था. आज वह परियोजना मूर्त रूप ले रही है. आशा है आप सब मेट्रो की सुविधा का लाभ उठाएंगे."

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