भगवान राम के दूसरे स्थापना दिवस पर अयोध्या में भव्य उत्सव, बैंड-बाजे के साथ निकलेगी विशाल भगवा ध्वज यात्रा
मिशनसच न्यूज, उत्तर प्रदेश |
भगवान श्रीराम के अयोध्या में दूसरे स्थापना दिवस के पावन अवसर पर राजस्थान पुजारी महासंघ की ओर से 31 दिसंबर 2025, बुधवार को श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ भव्य उत्सव मनाया जाएगा। इस अवसर पर बैंड-बाजों, ढोल-नगाड़ों और डीजे की भक्तिमय धुनों के साथ विशाल भगवा ध्वज यात्रा निकाली जाएगी, जिसमें बड़ी संख्या में संत, पुजारी, श्रद्धालु एवं आमजन शामिल होंगे।
राजस्थान पुजारी महासंघ के पदाधिकारी पंडित विवेकानन्द शर्मा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए बताया कि भगवान राम के दूसरे स्थापना दिवस को ऐतिहासिक और भव्य स्वरूप देने के उद्देश्य से महासंघ की कार्यकारिणी ने सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया है कि इस वर्ष यह उत्सव अत्यंत भव्यता और धार्मिक गरिमा के साथ मनाया जाए।
त्रिपोलिया गणेश मंदिर से शुरू होगी ध्वज यात्रा
पुजारी महासंघ के अध्यक्ष आचार्य राजेंद्र शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में तय किया गया कि 31 दिसंबर को प्रातः 11:00 बजे त्रिपोलिया स्थित गणेश मंदिर से भगवा ध्वज यात्रा का शुभारंभ किया जाएगा। यह यात्रा बैंड-बाजे के साथ बजाजा बाजार, होप सर्कस होते हुए अभय समाज तक पहुंचेगी।
ध्वज यात्रा के दौरान श्रद्धालु हाथों में भगवा ध्वज लिए, “जय श्रीराम” के गगनभेदी जयकारों के साथ चलते हुए नजर आएंगे। पूरे मार्ग पर ढोल, बैंड और डीजे की धुनों से वातावरण भक्तिमय हो जाएगा और अयोध्या नगरी राममय दिखाई देगी।
संगीतमय हनुमान चालीसा और महाआरती
अभय समाज पहुंचने के पश्चात सभी श्रद्धालुओं द्वारा सामूहिक रूप से संगीतमय हनुमान चालीसा का पाठ किया जाएगा। इसके बाद अयोध्या से पधारे हुए संत-महात्माओं द्वारा भगवान श्रीराम के जीवन चरित्र, मर्यादा, त्याग और आदर्शों पर विस्तार से प्रकाश डाला जाएगा।
संतों के प्रवचनों के पश्चात भगवान श्रीराम की भव्य महाआरती की जाएगी, जिसमें उपस्थित सभी श्रद्धालु भक्तिभाव से शामिल होंगे। आरती के बाद श्रद्धालु भक्तजनों को प्रसाद वितरण किया जाएगा।
आमजन के लिए खुला आमंत्रण
पंडित विवेकानन्द शर्मा ने बताया कि इस ध्वज यात्रा एवं उत्सव में आमजन को भी आमंत्रित किया गया है। यह आयोजन केवल पुजारी महासंघ तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के हर वर्ग के लिए खुला है, जिससे सामाजिक समरसता और धार्मिक एकता का संदेश दिया जा सके।
उन्होंने कहा कि इस शुभ अवसर पर अयोध्या की पावन धरती पर भगवान राम के आदर्शों को आत्मसात करने और उन्हें जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। इसी उद्देश्य से सभी धार्मिक संस्थाओं, संत समाज और सामाजिक संगठनों को उत्सव का औपचारिक निमंत्रण भेजा जा रहा है।
धार्मिक आस्था और संस्कृति का उत्सव
भगवान राम का स्थापना दिवस केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, मर्यादा और सनातन मूल्यों का उत्सव है। इस आयोजन के माध्यम से युवा पीढ़ी को भी भगवान राम के आदर्श जीवन से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
राजस्थान पुजारी महासंघ का मानना है कि ऐसे आयोजनों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और धर्म, संस्कृति एवं परंपराओं के प्रति लोगों की आस्था और अधिक मजबूत होती है।
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