More
    Homeराजस्थानजयपुरजयपुर में आचार्य श्री प्रसन्न सागर जी महाराज का ऐतिहासिक जुलूस, हजारों...

    जयपुर में आचार्य श्री प्रसन्न सागर जी महाराज का ऐतिहासिक जुलूस, हजारों श्रद्धालु हुए शामिल

    परम पूज्य आचार्य श्री प्रसन्न सागर जी महाराज ससंघ का भव्य ऐतिहासिक जुलूस निकला,1251 महिलाएं मंगल कलश लेकर शोभायमान हुईं।

    मिशनसच न्यूज, जयपुर। साधना महोदधि परम पूज्य अन्तर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागर जी महाराज ससंघ का 18 जनवरी 2026 प्रातः जयपुर में ऐतिहासिक और भव्य जुलूस निकाला गया। जुलूस अग्रवाल कॉलेज सांगानेरी गेट से प्रारंभ होकर जोहरी बाजार, त्रिपोलिया बाजार, चौड़ा रास्ता, न्यू गेट होते हुए रामनिवास बाग स्थित यूनियन क्लब फुटबॉल ग्राउंड पहुंचा। इस विशाल शोभायात्रा का सफल आयोजन राजस्थान जैन सभा के सुभाष जैन, विनोद कोटखावदा, कैलाश जैन छाबड़ा तथा जुलूस संयोजक राकेश गोधा के कुशल नेतृत्व में संपन्न हुआ।

    शोभायात्रा में जयपुर महानगर की विभिन्न कॉलोनियों से पुरुष और महिलाएं हजारों की संख्या में शामिल हुए। विशेष आकर्षण के रूप में 1251 महिलाएं मंगल कलश लेकर शोभायमान हो रही थीं। भटिंडा के बैंड बाजों की मधुर धुनों के बीच स्थान-स्थान पर पुष्प वर्षा की गई तथा श्रद्धालुओं द्वारा पाद प्रक्षालन एवं मंगल आरती की गई। पूरे मार्ग में धार्मिक उल्लास और श्रद्धा का वातावरण बना रहा।

    धर्मसभा में आचार्य श्री का प्रेरणादायी उद्बोधन

    यूनियन क्लब ग्राउंड में आयोजित धर्मसभा को संबोधित करते हुए परम पूज्य तपस्वी सम्राट आचार्य श्री प्रसन्न सागर जी महाराज ने कहा कि जीवन जीना सीखना चाहिए और जीवन में समता एवं क्षमता का भाव रखना आवश्यक है। जो समता को धारण करते हैं, वही सच्चे संत और श्रावक हैं। उन्होंने कहा कि पुण्य का धन पुण्य कार्यों में ही लगाना चाहिए।

    आचार्य श्री ने मानव जीवन को अनमोल बताते हुए कहा कि जिन्होंने मानव जीवन और विशेषकर जैन कुल में जन्म पाया है, उनका जीवन अत्यंत मूल्यवान है। उन्होंने कहा कि वे जयपुर महानगर में चारित्र शुद्धी विधान के माध्यम से मन के मैल को धोने आए हैं। उन्होंने प्रेरणा दी कि यदि व्यक्ति अपने जीवन में किसी की शिकायत नहीं करेगा और किसी से कुछ नहीं मांगेगा, तो उसका जीवन धन्य हो जाएगा। उन्होंने यह भी संदेश दिया कि प्रतिदिन प्रातः उठते ही किसान, सैनिक, माता-पिता, गुरु और परमात्मा को धन्यवाद करना चाहिए, जिनके उपकारों से हम जीवन को कुशलता और संपन्नता से जी रहे हैं।

    चारित्र शुद्धी विधान की जानकारी दी गई

    धर्मसभा को परम पूज्य उपाध्याय श्री पियूष सागर जी महाराज एवं परम पूज्य प्रवर्तक मुनिश्री सहज सागर जी महाराज ने भी संबोधित किया। उन्होंने 25 जनवरी से 31 जनवरी तक वीटी रोड मानसरोवर ग्राउंड में आयोजित होने वाले चारित्र शुद्धी विधान के महत्व और कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी श्रद्धालुओं को दी।

    गांधीनगर की ओर हुआ विहार

    धर्मसभा के पश्चात आचार्य श्री ने गांधीनगर की ओर विहार किया, जहां आईएएस कुलदीप जी राका द्वारा भव्य अगवानी की गई। आहार चर्या भी गांधीनगर में सम्पन्न हुई तथा वहीं प्रवास रहा। आचार्य श्री ससंघ 19 जनवरी को प्रातः जनकपुरी जैन मंदिर की ओर विहार करेंगे।

    मंच संचालन

    धर्मसभा के मंच का कुशल संचालन ब्र. तरुण भैय्याजी द्वारा किया गया।

    मिशनसच न्यूज के लेटेस्ट अपडेट पाने के लिए हमारे व्हाट्सप्प ग्रुप को जॉइन करें।
    https://chat.whatsapp.com/JX13MOGfl1tJUvBmQFDvB1

    अन्य खबरों के लिए देखें मिशनसच नेटवर्क

    https://missionsach.com/category/india

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here