नई दिल्ली। यूजीसी (UGC) के नए नियमों को लेकर चल रहा विवाद गुरुवार को उस समय थम गया, जब सुप्रीम कोर्ट (SC) ने इन नियमों पर रोक लगाते हुए सरकार और यूजीसी (UGC) को नए सिरे से नियम बनाने और इसके लिए एक समिति गठित करने का निर्देश दिया। इसी बीच अयोध्या के परमहंस आचार्य का एक बयान चर्चा में आ गया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
परमहंस आचार्य ने दावा किया है कि पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंत्र‑मंत्र के जरिए वशीकरण कराया था। उनके मुताबिक, इसी वशीकरण का असर था कि यूजीसी ने ऐसे नियम बनाए। आचार्य ने कहा कि उन्होंने वैदिक मंत्रों के माध्यम से प्रधानमंत्री को इस प्रभाव से मुक्त करा दिया है।
मीडिया से बातचीत में परमहंस आचार्य ने कहा, “हमें यह समझ में नहीं आ रहा था कि ऐसा कैसे हो गया। इस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री के बढ़ते वैश्विक प्रभाव को देखते हुए जरूर किसी ने तंत्र‑मंत्र के जरिए वशीकरण किया होगा। जब मैंने ध्यान किया तो पता चला कि डोनाल्ड ट्रंप ने यह कराया था। अब हमने वैदिक मंत्रों का पाठ कर उन्हें मुक्त कर दिया है। अब मोदी जी पर किसी भी तंत्र‑मंत्र का असर नहीं रहेगा।”
उन्होंने आगे कहा कि उन्हें उम्मीद है कि प्रधानमंत्री अब ऐसा कोई कानून नहीं बनाएंगे जिससे देश का विकास बाधित हो। “देश को उनसे बहुत अपेक्षाएं हैं। हम अयोध्या से उनकी कुशलता के लिए लगातार पूजा‑पाठ करते रहेंगे।
गौरतलब है कि परमहंस आचार्य यूजीसी के नए नियमों को लेकर पहले से ही बेहद आक्रामक रुख अपनाए हुए थे। उन्होंने इन नियमों का विरोध करते हुए सरकार से इन्हें वापस लेने की मांग की थी और यहां तक कहा था कि यदि नियम वापस नहीं लिए गए तो उन्हें इच्छामृत्यु की अनुमति दी जाए।
आचार्य ने दावा किया था कि इन नियमों से देश में गृहयुद्ध जैसी स्थिति बन सकती है, हिंदू समाज बंटेगा और भाजपा का पूरे देश से सफाया हो जाएगा। उन्होंने यह भी कहा था कि ऐसे नियमों से देश में अराजकता फैलेगी, महिलाओं की सुरक्षा पर असर पड़ेगा और सामाजिक टकराव बढ़ेगा।
परमहंस आचार्य का कहना था कि यदि यह नियम पहले लागू होता तो बिहार में भी भाजपा को चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ता। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा था कि यदि नियम वापस नहीं लिए गए तो वह अपनी जान देने तक को तैयार हैं।


