मंदिर परियोजनाओं के लिए करोड़ों की स्वीकृति, विधानसभा में आचार संहिता के कारण रुके कार्यों पर देवस्थान मंत्री का स्पष्टीकरण
मिशनसच न्यूज, जयपुर। देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने मंगलवार को विधानसभा में कहा कि राज्य सरकार प्रदेशभर में धार्मिक स्थलों के जीर्णोद्धार एवं विकास कार्यों के लिए निरंतर प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि पूर्ववर्ती सरकार द्वारा चुनावी वर्ष में कई विकास कार्यों की केवल घोषणाएं की गई थीं, लेकिन विभागीय समीक्षा में कई परियोजनाएं व्यावहारिक नहीं पाई गईं, जिससे उनका क्रियान्वयन संभव नहीं हो सका।
प्रश्नकाल के दौरान विधायक चेतन पटेल कोलाना द्वारा पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब देते हुए मंत्री ने बताया कि बजट वर्ष 2023-24 में कोटा जिले के ढीपरी चम्बल (खातौली) स्थित ठाकुर जी गोपालजी महाराज मंदिर, पीपल्दा समेल (सुल्तानपुर) के प्राचीन शिव मंदिर तथा ककरावदा (ईटावा) के प्राचीन श्री चमलेश्वर महादेव मंदिर के जीर्णोद्धार एवं विकास कार्यों की घोषणा की गई थी।
इनमें से पर्यटन विकास कोष से ठाकुर जी गोपालजी मंदिर ढीपरी (चम्बल)-कोटा में विकास कार्य हेतु 383.33 लाख रुपये तथा प्राचीन शिव मंदिर पीपल्दा समेल (सुल्तानपुर) के लिए 248.14 लाख रुपये की स्वीकृति 13 जून 2023 को जारी की गई। हालांकि चमलेश्वर महादेव मंदिर ककरावदा इटावा के लिए कोई स्वीकृति जारी नहीं की गई।
उन्होंने बताया कि राजस्थान विधानसभा चुनाव की आदर्श आचार संहिता लागू होने के कारण निविदाएं जारी नहीं हो सकीं। चुनाव के बाद वित्त विभाग की अशासकीय टीप (22 दिसंबर 2023) के अनुसरण में भी इन कार्यों को आगे नहीं बढ़ाया जा सका।
मंत्री ने सदन को जानकारी दी कि कोटा जिले में 24 धार्मिक स्थल देवस्थान विभाग द्वारा प्रबंधित एवं नियंत्रित हैं, जिनका विधानसभा वार विवरण सदन के पटल पर रखा गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पीपल्दा क्षेत्र के कई प्राचीन धार्मिक स्थल अराजकीय हैं और ऐसे अराजकीय मंदिरों को विभाग के अधीन शामिल करने का वर्तमान में कोई प्रावधान नहीं है।
देवस्थान मंत्री ने यह भी बताया कि राजस्थान टूरिज्म इंफ्रास्ट्रक्चर कैपेसिटी बिल्डिंग फंड से ऋण लेने की प्रक्रिया चल रही है। इसके पश्चात विकास कार्यों को लेकर अग्रिम निर्णय लिया जाएगा।
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