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    Homeराज्यमध्यप्रदेशमऊगंज विधायक प्रदीप पटेल 29 दिन से लापता, बढ़ी राजनीतिक हलचल

    मऊगंज विधायक प्रदीप पटेल 29 दिन से लापता, बढ़ी राजनीतिक हलचल

    मऊगंज विधानसभा क्षेत्र के विधायक प्रदीप पटेल बीते 29 दिनों से क्षेत्र से ‘लापता’ हैं. इस दौरान न तो उनका मोबाइल चालू है और न ही किसी सार्वजनिक कार्यक्रम या पार्टी गतिविधि में उनकी मौजूदगी देखी गई है. विधायक की इस अचानक गुमशुदगी ने क्षेत्र की जनता, कार्यकर्ताओं और राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं को तेज कर दिया है.

    जनता और कार्यकर्ताओं में चिंता

    विधायक के लंबे समय से क्षेत्र से बाहर रहने के कारण स्थानीय कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों में असमंजस की स्थिति है. लोग यह जानना चाहते हैं कि विधायक कब क्षेत्र में लौटेंगे और जनसमस्याओं के समाधान के लिए सक्रिय होंगे.

    विवादित जमीन मामले के बाद बढ़ी हलचल

    सूत्रों के अनुसार, हाल ही में एक जमीन विवाद के समाधान के लिए पहुंचे विधायक प्रदीप पटेल को वहां विरोध का सामना करना पड़ा था. बताया जा रहा है कि ग्रामीणों द्वारा विरोध किए जाने के बाद विधायक ने अपनी सुरक्षा को लेकर आशंका जताई और एक कथित गैंग का उल्लेख करते हुए मऊगंज से भोपाल के लिए रवाना हो गए. इसके बाद से वे क्षेत्र में नजर नहीं आए.

    वीडियो हुआ वायरल

    इसी बीच विधायक का एक वीडियो सामने आया, जिसमें वे अपने पीए से बातचीत के दौरान अपने नाती अर्जुन पटेल को घर के सभी दरवाजे और खिड़कियां बंद रखने और बाहर न निकलने की सलाह देते दिखाई दे रहे हैं. इस वीडियो के बाद क्षेत्र में विधायक की सुरक्षा को लेकर चर्चाएं और तेज हो गईं.

    भाजपा जिलाध्यक्ष क्या बोले?

    पूरे मामले को लेकर भाजपा जिलाध्यक्ष राजेंद्र मिश्र ने मीडिया से बातचीत में कहा कि विधायक भोपाल में हैं और पूरी तरह सुरक्षित हैं.
    उनसे लगातार संपर्क हो रहा है. विपक्ष जानबूझकर यह प्रचार कर रहा है कि विधायक लापता हैं, जो पूरी तरह निराधार है.
    आगे उन्होंने कहा कि विधायक शीघ्र ही जनता के बीच आएंगे.

    पूर्व विधायक लक्ष्मण तिवारी ने क्या कहा?

    इस मुद्दे पर मऊगंज के पूर्व विधायक लक्ष्मण तिवारी ने भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा जब मैं विधायक था तब न तो एक भी एफआईआर हुई और न ही जमीन से जुड़े विवाद सामने आए.
    वर्तमान में जो स्थिति है, वह धन और धरती की लड़ाई प्रतीत होती है.
    जमीन विवाद का फैसला कोर्ट और राजस्व विभाग का विषय है, विधायक का नहीं.
    उन्होंने आगे कहा कि यदि विधायक को वास्तव में खतरा है, तो उन्हें मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर सुरक्षा की मांग करनी चाहिए.

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