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    भारी बारिश से केरल में उत्पन्न संकट, तीन जिलों में शिक्षा संस्थान बंद

    तिरुवनंतपुरम: केरल में दक्षिण-पश्चिम मानसून के पूरी तरह सक्रिय होने के साथ ही मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) द्वारा राज्य के कई हिस्सों में अत्यधिक भारी बारिश की गंभीर चेतावनी जारी किए जाने के बाद, प्रशासन ने एहतियातन कदम उठाते हुए प्रभावित जिलों में स्कूल और कॉलेजों में छुट्टी की घोषणा कर दी है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारियों के अनुसार, मौसम विभाग द्वारा जारी 'रेड अलर्ट' को देखते हुए कन्नूर, कासरगोड और कोझिकोड जिलों में सभी शैक्षणिक संस्थानों को तुरंत बंद रखने का आदेश दिया गया है।

    प्रशासन द्वारा घोषित की गई यह छुट्टी सभी सरकारी और निजी स्कूलों, कॉलेजों, आंगनवाड़ियों और ट्यूशन सेंटरों के साथ-साथ सीबीएसई, आईसीएससी, केंद्रीय विद्यालयों और मदरसों सहित सभी प्रकार के धार्मिक शिक्षण संस्थानों पर भी पूरी तरह लागू होगी। हालांकि, अधिकारियों ने यह साफ किया है कि यह आदेश आवासीय (बोर्डिंग) स्कूलों पर प्रभावी नहीं होगा। इसके अलावा, पहले से तय की जा चुकीं विश्वविद्यालय व अन्य परीक्षाओं और इंटरव्यू के शेड्यूल में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा और वे अपने निर्धारित समय पर ही आयोजित किए जाएंगे।

    तीन जिलों में रेड अलर्ट और भारी बारिश की आशंका

    मौसम विभाग के वैज्ञानिकों ने अनुमान जताया है कि रेड अलर्ट वाले तीन जिलों—कन्नूर, कासरगोड और कोझिकोड में अगले 24 घंटों के भीतर 204.4 मिलीमीटर से भी अधिक अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। इसके साथ ही, पड़ोसी वायनाड और मलप्पुरम जिलों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया गया है। वहीं, राज्य के अन्य मध्य और दक्षिणी जिलों जैसे पथानामथिट्टा, कोट्टायम, इडुक्की, एर्नाकुलम, त्रिशूर और पलक्कड़ को अगले पांच दिनों के लिए 'येलो अलर्ट' पर रखा गया है, जहां मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है।

    अगले सात दिनों तक खराब रहेगा मौसम

    मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून की यह रफ्तार फिलहाल थमने वाली नहीं है। आगामी 10 और 11 जून को भी मलप्पुरम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड जिलों में भारी बारिश का सिलसिला लगातार जारी रहेगा। इसके बाद, 12 जून को एर्नाकुलम, त्रिशूर और पलक्कड़ समेत कई अन्य मैदानी व तटीय इलाकों में स्थिति गंभीर बनी रह सकती है। अनुमान है कि अगले सात दिनों के दौरान केरल के अलग-अलग हिस्सों में 7 सेंटीमीटर से लेकर 20 सेंटीमीटर तक की भारी वर्षा दर्ज होगी।

    तेज हवाओं और बिजली गिरने की चेतावनी

    विभाग ने अपनी एडवायजरी में विशेष चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि मौजूदा मानसूनी परिस्थितियों के कारण राज्य में बेहद तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली चमकने की आशंका है। इसके प्रभाव से कम समय में अचानक बहुत तेज बारिश (फ्लैश रेन) हो सकती है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बढ़ जाता है। मौसम के इस आक्रामक रुख को देखते हुए आम जनता और आपदा प्रबंधन से जुड़ी सभी सरकारी एजेंसियों को बेहद सतर्क रहने तथा संवेदनशील व तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।

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