कार्यक्रम में निवाई के करेड़ा बुजुर्ग में कथित भेदभाव के आरोप पर सार्वजनिक माफी की मांग
टोंक। पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज (पीयूसीएल), राजस्थान इकाई ने टोंक जिले की निवाई तहसील के ग्राम करेड़ा बुजुर्ग में आयोजित कंबल वितरण कार्यक्रम के दौरान पूर्व सांसद सुखबीर सिंह जौनपुरिया के कथित भेदभावपूर्ण आचरण की कड़ी निंदा की है।
कार्यक्रम के दौरान कुछ गरीब मुस्लिम महिलाओं के साथ धर्म के आधार पर भेदभावपूर्ण एवं अमानवीय व्यवहार किए जाने का आरोप लगाया गया है। आरोप है कि कंबल वितरण के समय उनका नाम पूछने के बाद, मुस्लिम समुदाय से होने की जानकारी मिलने पर उन्हें कंबल वापस ले लिया गया तथा अलग बैठने के लिए कहा गया।
पीयूसीएल ने कहा कि यदि यह आरोप सत्य हैं तो यह मानवीय गरिमा और संविधान के मूल्यों के विपरीत है। संगठन का कहना है कि जनप्रतिनिधि द्वारा किया गया ऐसा व्यवहार सामाजिक सौहार्द और समानता की भावना को ठेस पहुंचाता है।
यह भी उल्लेख किया गया कि जब कुछ ग्रामीणों ने कथित व्यवहार का विरोध किया तो उन्हें धमकी दिए जाने की बात सामने आई। संगठन ने इसे आलोचना के प्रति असहिष्णुता का संकेत बताया है।
हालांकि यह कार्यक्रम किसी सरकारी योजना के अंतर्गत नहीं बल्कि व्यक्तिगत स्तर पर आयोजित बताया गया, लेकिन पीयूसीएल का कहना है कि लंबे समय तक जनप्रतिनिधि रहे व्यक्ति से संविधान के धर्मनिरपेक्ष और समानता के मूल्यों का पालन करने की अपेक्षा की जाती है।
संगठन ने उन स्थानीय नागरिकों की सराहना की जिन्होंने कथित धार्मिक भेदभाव का विरोध जताया। साथ ही मांग की है कि सुखबीर सिंह जौनपुरिया सार्वजनिक रूप से माफी मांगें तथा राज्य सरकार इस मामले का संज्ञान लेकर आवश्यक कदम उठाए।
इस संबंध में पूर्व सांसद की ओर से समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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