विधानसभा में एडीजे कोर्ट स्थापना को लेकर विधि मंत्री का आश्वासन
जयपुर। विधि एवं विधिक कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने गुरुवार को विधानसभा में कहा कि झालावाड़ जिले के मनोहर थाना में वर्तमान में लंबित प्रकरणों की संख्या निर्धारित मानकों से कम होने के कारण एडीजे (अपर जिला एवं सत्र न्यायालय) कोर्ट की स्थापना विचाराधीन नहीं है। हालांकि उन्होंने आश्वस्त किया कि प्रस्ताव प्राप्त होने पर सुलभ न्याय के दृष्टिकोण से पुनः परीक्षण कराया जाएगा।
निर्धारित मापदंडों का दिया हवाला
प्रश्नकाल के दौरान सदस्य गोविन्द प्रसाद द्वारा पूछे गए पूरक प्रश्नों के उत्तर में मंत्री ने बताया कि अपर जिला एवं सत्र न्यायालय की स्थापना के लिए स्पष्ट मापदंड तय हैं।
इनमें संबंधित क्षेत्र में लंबित प्रकरणों की संख्या 1000 से 1200 के बीच होना, मूल न्यायालय से दूरी, पर्याप्त आधारभूत सुविधाएं और वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता प्रमुख शर्तें हैं।
उन्होंने बताया कि मनोहर थाना में वर्तमान में लंबित प्रकरणों की संख्या 410 है, जो निर्धारित मानक से काफी कम है।
केवल दूरी आधार नहीं
सदस्य द्वारा मापदंडों में शिथिलता और अकलेरा से मनोहर थाना की दूरी का मुद्दा उठाए जाने पर मंत्री ने स्पष्ट किया कि केवल दूरी के आधार पर न्यायालय की स्थापना सामान्यतः संभव नहीं होती।
उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में राजस्थान उच्च न्यायालय की सहमति, आधारभूत संरचना और वित्तीय भार जैसे महत्वपूर्ण पहलू शामिल होते हैं।
मंत्री ने दोहराया कि राज्य सरकार का लक्ष्य आमजन को सस्ता, सुलभ और त्वरित न्याय उपलब्ध कराना है। प्रस्ताव मिलने पर नियमानुसार इस विषय में पुनः परीक्षण किया जाएगा।
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