तेहरान: ईरान-इजराइल-अमेरिका युद्ध का आज 12वां दिन है. इजराइल और अमेरिका की ओर से ईरान पर हमले लगातार जारी है. वहीं, ईरान की ओर से भी इजराइल और खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाया जा रहा है. इजराइल लेबनान में ईरान समर्थित हिज्बुल्लाह पर हमला कर रहा है, जबकि ये लड़ाके इजराइल में रॉकेट दाग रहा है. पूरे इलाके में हताहतों की संख्या बढ़ रही है. एक रिपोर्ट के अनुसार इस युद्ध में अब तक 1300 लोगों के मारे जाने की आशंका है. संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि पिछले 24 घंटों में लेबनान में 100000 से ज्यादा लोग बेघर हुए हैं. ईरान पर अमेरिका-इजराइल युद्ध शुरू होने के बाद से तेहरान में कम से कम 460 लोग मारे गए हैं और 4,309 घायल हुए हैं. लड़ाई शुरू होने के बाद से लेबनान में लगभग 7,60,000 लोग बेघर हुए हैं. ईरान सीजफायर को लेकर बातचीत से मना कर रहा है, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि लड़ाई 'जल्द' खत्म हो सकती है. वहीं आईआरजीसी ने फारस की खाड़ी से एक लीटर भी तेल बाहर नहीं जाने देने की धमकी दी है. ईरान का कहना है कि अमेरिका-इजराइल ने इस्फहान में एक यूनेस्को हेरिटेज साइट को नुकसान पहुंचाया है. इस बीच नए फुटेज से यह संभावना बढ़ गई है कि अमेरिकी मिलिट्री ने एक ईरानी एलिमेंट्री स्कूल पर हमला किया जहाँ एक धमाके में कम से कम 165 लोग मारे गए जिनमें ज्यादातर बच्चे थे. दूसरी ओर ग्लोबल मार्केट में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया क्योंकि तेल की कीमतें 120 अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गई, फिर 90 अमेरिकी डॉलर से नीचे गिर गई, जिससे थाईलैंड और मिस्र जैसे देशों ने इमरजेंसी फ्यूल बचाने के उपाय लागू किए.
हिज़्बुल्लाह ने कहा कि उसने दक्षिणी लेबनान में इजराइली ठिकाने पर गोलाबारी की
हिज़्बुल्लाह का कहना है कि उसने दक्षिणी लेबनान के बलात में एक इज़राइली मिलिट्री ठिकाने को आर्टिलरी से निशाना बनाया. इससे पहले, ग्रुप ने कहा था कि उसने खियाम के दक्षिण में इज़राइली ठिकानों पर रॉकेट से हमला किया.
इजराइल के लेबनान में हमले तेज
मंगलवार रात और बुधवार सुबह बेरूत के आसमान पर हवाई हमले देखे जा सकते थे, क्योंकि इजराइल ने लेबनान में हिज़्बुल्लाह पर अपने हमले तेज़ कर दिए थे.
फ्रांस लेबनान को 60 टन इमरजेंसी मदद देगा : मैक्रों
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने एक एक्स पोस्ट में कहा, "फ्रांस अभी सीएमए सीजीएम फाउंडेशन की मदद से, यूनाइटेड नेशंस और जमीनी स्तर पर एनजीओ के साथ जो किया जा रहा है, उसके अलावा, उनके लिए 60 टन इमरजेंसी मदद दे रहा है." उन्होंने आगे कहा कि, "हिज़्बुल्लाह को लेबनान से इजराइल पर अपने हमले बंद करने चाहिए और अपने हथियार लेबनानी आर्म्ड फोर्सेज को सौंप देने चाहिए. इजराइल को लेबनान की आजादी का सम्मान करना चाहिए और संयम बरतना चाहिए. इजराइलियों और लेबनानी लोगों को शांति और सुरक्षा के साथ रहने का बराबर अधिकार है. यही वजह है कि 1978 से यूएनआईएफआईएल के अंदर फ्रांसीसी सेना लगातार प्रतिबद्ध है."


