अजमेर। राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की भर्ती प्रक्रियाओं की सुरक्षा पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा हो गया है। हाल ही में खान एवं भूविज्ञान विभाग के लिए आयोजित भर्ती परीक्षा के दौरान एक बेहद गंभीर साइबर अपराध का मामला प्रकाश में आया है। यहाँ किसी अज्ञात और अनाधिकृत व्यक्ति द्वारा आयोग के आधिकारिक रिक्रूटमेंट पोर्टल के साथ छेड़छाड़ की गई और तीन योग्य अभ्यर्थियों के ऑनलाइन आवेदनों को उनकी जानकारी के बिना ही पोर्टल से हटा दिया गया। इस सुनियोजित धांधली के पीछे किसी अन्य अपात्र व्यक्ति को अनुचित लाभ पहुँचाने की गहरी साजिश की आशंका जताई जा रही है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए आयोग ने तत्काल अजमेर स्थित साइबर पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज कराकर विस्तृत जाँच शुरू कर दी है।
सहायक खनिज अभियंता भर्ती-2024 में डिजिटल सेंधमारी का खुलासा
विवाद का केंद्र सहायक खनिज अभियंता भर्ती-2024 है, जिसके तहत लिखित परीक्षा के उपरांत आयोग ने चयनित अभ्यर्थियों की दोगुना सूची तैयार की थी। इस दौरान 1 जनवरी 2026 को एक अभ्यर्थी ने आयोग को ईमेल के जरिए सूचित किया कि उसे 29 दिसंबर 2025 की शाम को एक रहस्यमयी एसएमएस मिला, जिसमें उसके द्वारा आवेदन वापस लेने की पुष्टि की गई थी। जबकि सच्चाई यह थी कि अभ्यर्थी ने न तो ऐसा कोई अनुरोध किया था और न ही उस समय आयोग द्वारा पोर्टल पर 'एप्लीकेशन विथड्रॉ' करने के लिए कोई विकल्प या विंडो खुली थी। इस तकनीकी चूक को भाँपते हुए आयोग ने तुरंत सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग, जयपुर को एक आधिकारिक पत्र लिखकर मामले की गहराई से तकनीकी जाँच करने का आग्रह किया।
फर्जी यूजर आईडी बनाकर पोर्टल को किया गया अवैध रूप से एक्सेस
तकनीकी पड़ताल में यह बात सामने आई है कि यह एक सोची-समझी डिजिटल साजिश थी। जाँच में पता चला कि 29 दिसंबर 2025 को शाम 6:16 बजे पोर्टल पर एक नई फर्जी यूजर आईडी बनाई गई थी। इसी अवैध एक्सेस का इस्तेमाल करते हुए उक्त व्यक्ति ने तीनों अभ्यर्थियों के आवेदनों को पोर्टल से विथड्रॉ कर दिया, ताकि चयन प्रक्रिया में हेरफेर कर किसी अन्य को फायदा पहुँचाया जा सके। डिजिटल फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने इस अवैध गतिविधि से जुड़े ईमेल एड्रेस और आईपी (IP) एड्रेस का पता लगा लिया है, जो अपराधियों तक पहुँचने में अहम कड़ी साबित होंगे।
पुलिस ने दर्ज किया धोखाधड़ी का मुकदमा, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के संकेत
साइबर थाना पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 318(4) के तहत धोखाधड़ी और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की विभिन्न गंभीर धाराओं (66, 66डी, 43 एवं 43ए) के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर लिया है। आयोग के सचिव ने स्पष्ट लहजे में चेतावनी दी है कि डिजिटल माध्यमों या भर्ती पोर्टल के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। सुरक्षा प्रोटोकॉल को और अधिक सख्त बनाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है ताकि भविष्य में परीक्षा प्रणाली की निष्पक्षता और पवित्रता को सुरक्षित रखा जा सके और अभ्यर्थियों का आयोग पर भरोसा बना रहे।


