मैहर: मां शारदा की नगरी मैहर में चैत्र नवरात्रि के दौरान धार्मिक वातावरण बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है. मैहर प्रशासन ने नगर पालिका क्षेत्र में 19 मार्च से 27 मार्च 2026 की मध्यरात्रि तक मांस, मछली और अंडे की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किए हैं. इस अवधि में शहर के किसी भी दुकान, होटल, ढाबा, ठेला या रेहड़ी पर मांसाहारी खाद्य पदार्थों की बिक्री नहीं की जा सकेगी.
नवरात्रि मेले में उमड़ती है भारी भीड़
मैहर का मां शारदा मंदिर देशभर के प्रसिद्ध शक्तिपीठों में से एक माना जाता है. चैत्र नवरात्रि के दौरान यहां विशाल मेला लगता है, जिसमें मध्य प्रदेश सहित उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार और अन्य राज्यों से लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं. श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन शहर में स्वच्छता, सुरक्षा और धार्मिक माहौल बनाए रखने के लिए विशेष व्यवस्थाएं करता है. इस साल भी प्रशासन ने पहले से ही सख्ती बरतते हुए मांसाहारी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर अस्थायी प्रतिबंध लागू किया है और इस आदेश को सख्ती से मानने के आदेश भी जारी किए है.
नियम तोड़ने पर होगी कानूनी कार्रवाई
मैहर प्रशासन के द्वारा जारी आदेश के अनुसार कोई व्यापारी या व्यक्ति आदेश का उल्लंघन करते या मांस, मछली या अंडे की बिक्री करते पाया गया, तो उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी. प्रतिबंध का पालन सुनिश्चित कराने के लिए नगर पालिका, खाद्य विभाग और पुलिस की संयुक्त टीमें लगातार शहर में निगरानी रखेंगी, जिससे कि आदेश का पालन हो सके.
मैहर को मिली है धार्मिक नगरी की पहचान
मध्य प्रदेश शासन के पर्यटन विभाग द्वारा मैहर को धार्मिक नगरी के रूप में विकसित किया जा रहा है. मां शारदा मंदिर के कारण यह शहर पूरे देश में आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है. नवरात्रि के दौरान यहां लगने वाला मेला प्रदेश के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में गिना जाता है. इसी को देखते हुए प्रशासन ने नागरिकों और व्यापारियों से अपील की है कि वे आदेश का पालन करें और नवरात्रि पर्व के दौरान शहर की धार्मिक गरिमा और शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखने में सहयोग दें.


