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    अमेरिकी सेना ने खर्ग द्वीप को मिट्टी में मिला दिया, अब मजे के लिए करेंगे हमले: ट्रंप

    वाशिंगटन। मध्य पूर्व में जारी भारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सबसे अहम तेल हब, खर्ग द्वीप पर बड़े हमलों की पुष्टि की है। शनिवार को दिए एक इंटरव्यू और सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने द्वीप पर मौजूद ईरान के 100फीसदी सैन्य ठिकानों को मिट्टी में मिला दिया है। ट्रंप ने कहा कि हालांकि ईरान अब संघर्ष को खत्म करने के लिए समझौते की मेज पर आता दिख रहा है, लेकिन अभी शर्तें अमेरिका के पक्ष में पर्याप्त नहीं हैं। ट्रंप ने बेबाक अंदाज में कहा कि हमने खर्ग द्वीप का ज्यादातर हिस्सा तबाह कर दिया है और हम मजे के लिए इस पर कई बार हमला कर सकते हैं।
    मडिया रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप ने अपने ट्रूथ सोशल पर जानकारी दी कि ईरान की सैन्य क्षमता अब लगभग खत्म हो चुकी है, लेकिन वह अभी भी समुद्री जलमार्ग में खदानों या छोटे ड्रोनों के जरिए बाधा डाल सकता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और अन्य मित्र देश होर्मुज में युद्धपोत तैनात करेंगे। ब्रिटेन, फ्रांस, जापान भी इस मार्ग को सुरक्षित रखने के लिए अमेरिका का साथ देंगे। लक्ष्य यह है कि वैश्विक तेल आपूर्ति और समुद्री परिवहन बिना किसी डर के जारी रह सके।
    ईरान ने अमेरिका-इजराइल हमलों का बदला लेने की कसम खाई है। इसी कड़ी में ईरानी सरकारी मीडिया ने संयुक्त अरब अमीरात के तीन बड़े बंदरगाहों को खाली करने का अल्टीमेटम दिया है जिसमें जेबेल अली बंदरगाह, खलीफा बंदरगाह, फुजैरा बंदरगाह शामिल हैं। ईरान का आरोप है कि अमेरिका इन बंदरगाहों का इस्तेमाल उस पर हमले करने के लिए कर रहा है। निवासियों और कामगारों को तुरंत इलाका छोड़ने को कहा है, जिससे क्षेत्र में युद्ध के और फैलने की आशंका है।
    युद्ध की विभीषिका अब मानवीय आंकड़ों में सामने आ रही है। संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत अमीर सईद इरावानी ने सनसनीखेज दावा किया है कि अमेरिका और इजराइल के हमलों में अब तक 1300 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और कई उच्चाधिकारी भी मारे गए हैं। राजदूत ने आरोप लगाया कि जानबूझकर रिहायशी इलाकों और स्कूलों को निशाना बनाया जा रहा है। हालांकि, मानवाधिकार संस्था का अनुमान है कि मरने वालों की संख्या 1858 से ज्यादा हो सकती है, जिसमें नागरिक और सैनिक दोनों शामिल हैं।

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