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    किशनगढ़ बास : टेंडर के बाद भी नहीं पकड़े गए आवारा कुत्ते, प्रशासन के दावे फेल

     किशनगढ़ बास में 300 डॉग बाइट केस, लोगों में दहशत

    किशनगढ़ बास (खैरथल-तिजारा):
    क्षेत्र में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। जिला प्रशासन और नगर पालिका द्वारा कुत्तों को पकड़ने के लिए टेंडर जारी करने के बावजूद धरातल पर कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही है। हालात ऐसे हैं कि शहर से लेकर गांव तक लोग भय के साये में जीने को मजबूर हैं और हर दिन कुत्तों के हमलों की खबरें सामने आ रही हैं।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन द्वारा कई बार दावे किए गए कि आवारा कुत्तों को पकड़कर समस्या का समाधान किया जाएगा, लेकिन ये दावे पूरी तरह खोखले साबित हो रहे हैं। कुत्तों के झुंड खुलेआम गली-मोहल्लों में घूम रहे हैं और खासकर बच्चों पर हमला कर रहे हैं, जिससे अभिभावकों में गहरी चिंता और आक्रोश है।

    वार्ड 9 के रेणी मोहल्ले में सबसे ज्यादा परेशानी

    नगरपालिका किशनगढ़ बास के वार्ड संख्या 9 स्थित रेणी मोहल्ले में स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। यहां दो दर्जन से अधिक आवारा कुत्तों का जमावड़ा हर समय लगा रहता है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, बच्चों को घर से बाहर निकालना भी खतरे से खाली नहीं है।
    रात के समय कुत्तों के भौंकने और रोने की आवाज से लोग ठीक से सो भी नहीं पा रहे हैं। कई लोग इसे अपशकुन मानते हैं, जिससे मानसिक तनाव भी बढ़ रहा है। डर के कारण कई लोगों ने सुबह की सैर तक बंद कर दी है।

    कई कॉलोनियों में फैला आतंक

    यह समस्या केवल रेणी मोहल्ले तक सीमित नहीं है। आदर्श कॉलोनी, गंज गांव तिराहा, किले के पास की कॉलोनी, अहमदबास, खुराना कॉलोनी, बत्रा कॉलोनी सहित कई इलाकों में कुत्तों के झुंड लोगों के लिए खतरा बने हुए हैं। हर जगह दहशत का माहौल है और लोग प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

    टेंडर जारी, फिर भी कार्रवाई शून्य

    एक पार्षद ने बताया कि नगर पालिका द्वारा कुत्तों को पकड़ने के लिए टेंडर जारी किया गया था और उसकी अवधि भी समाप्ति के करीब है, लेकिन इसके बावजूद कुत्तों को पकड़ने का काम शुरू तक नहीं हुआ है। इससे साफ जाहिर होता है कि प्रशासनिक स्तर पर लापरवाही बरती जा रही है।

    अस्पताल के आंकड़े दे रहे खतरे का संकेत

    किशनगढ़ बास के सरकारी अस्पताल के आंकड़े स्थिति की गंभीरता को उजागर कर रहे हैं। अप्रैल 2025 से मार्च 2026 तक कुल 300 डॉग बाइट के मामले सामने आ चुके हैं।
    महीनेवार आंकड़े इस प्रकार हैं:

    • अप्रैल 2025 – 41 मामले
    • मई – 25
    • जून – 21
    • जुलाई – 21
    • अगस्त – 25
    • सितंबर – 36
    • अक्टूबर – 21
    • नवंबर – 25
    • दिसंबर – 20
    • जनवरी 2026 – 24
    • फरवरी – 22
    • मार्च (24 तारीख तक) – 19

    इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि हर महीने बड़ी संख्या में लोग कुत्तों के हमलों का शिकार हो रहे हैं।

    जनता में बढ़ता आक्रोश

    लगातार हो रही घटनाओं और प्रशासन की निष्क्रियता से लोगों में गहरा आक्रोश है। नागरिकों का कहना है कि यदि जल्द ही प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

    निष्कर्ष:
    किशनगढ़ बास में आवारा कुत्तों की समस्या अब गंभीर जनसुरक्षा मुद्दा बन चुकी है। प्रशासन के दावे और जमीनी हकीकत के बीच बड़ा अंतर दिखाई दे रहा है। ऐसे में आवश्यक है कि तत्काल प्रभाव से कुत्तों को पकड़ने और नियंत्रण के ठोस उपाय किए जाएं, ताकि लोगों को इस भय से राहत मिल सके।

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