प्रस्ताव के जरिए जयपुर में किसान महापंचायत ने किसानों के हक और जागरूक मतदान पर दिया जोर
जयपुर। किसान महापंचायत राजस्थान की जयपुर जिला कार्यकारिणी की बैठक में 16 अप्रैल 2026 को महत्वपूर्ण प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया। प्रस्ताव में लोकतंत्र की मजबूती के लिए मतदान को सबसे प्रभावी माध्यम बताते हुए मतदाताओं से जागरूक होकर वोट करने की अपील की गई।
प्रस्ताव में कहा गया कि मतदाता जब जाति, धर्म या व्यक्तिगत भावनाओं के आधार पर मतदान करता है, तो उसकी अपेक्षाएं पूरी नहीं हो पातीं। इसलिए किसानों और आमजन से अपने समान आर्थिक हितों को ध्यान में रखकर मतदान करने का आह्वान किया गया।
प्रस्ताव में राजनीतिक दलों पर आरोप लगाया गया कि वे मतदाताओं को जागरूक करने के बजाय केवल चुनावी लाभ के लिए काम करते हैं। इससे लोकतंत्र में सार्थक परिणाम सामने नहीं आ पाते।
किसान महापंचायत ने कहा कि 1965 से लागू न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की अवधारणा के बावजूद किसानों को लाभकारी मूल्य नहीं मिल पा रहा है। इसके चलते किसान आर्थिक रूप से कमजोर होता जा रहा है और कर्ज के जाल में फंस रहा है।
प्रस्ताव में आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत मिलने वाले लाभों में भी देरी और संघर्ष का मुद्दा उठाया गया।
किसानों ने स्पष्ट कहा कि देश की समृद्धि किसानों की समृद्धि से जुड़ी है। इसके लिए “खेत को पानी, फसल को दाम और युवाओं को काम” को मूल मंत्र बताते हुए व्यवस्था परिवर्तन के लिए वैचारिक आंदोलन की आवश्यकता जताई गई।
बैठक में यह संकल्प लिया गया कि किसानों के बीच जागरूकता अभियान चलाकर उन्हें आर्थिक हितों के आधार पर मतदान के लिए प्रेरित किया जाएगा।
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