मुंबई: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) आगामी दिसंबर महीने से ब्याज दरों में बढ़ोतरी का सिलसिला शुरू कर सकता है। आईसीआईसीआई बैंक की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी रहती हैं, तो केंद्रीय बैंक रेपो रेट में 50 बेसिस प्वाइंट्स तक की बड़ी वृद्धि कर सकता है।
क्रूड ऑयल की कीमतों में नरमी रहने पर अप्रैल तक टल सकती है दरों में बढ़ोतरी
निजी क्षेत्र के आईसीआईसीआई बैंक का यह भी मानना है कि यदि आने वाले दिनों में क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट और नरमी देखने को मिलती है, तो आरबीआई इस कदम को टालते हुए अगले साल अप्रैल से ब्याज दरों में इजाफा कर सकता है। गौरतलब है कि केंद्रीय बैंक ने हाल ही में लगातार चौथी बार रेपो रेट को स्थिर बनाए रखा है।
आरबीआई ने पिछली मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो रेट को रखा है अपरिवर्तित
केंद्रीय बैंक ने अपनी मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की तीन दिवसीय बैठक के बाद पिछले दिनों रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर ही यथावत रखने का निर्णय लिया था। हालांकि, आरबीआई ने उस दौरान देश की आर्थिक वृद्धि दर (जीडीपी) के अनुमान को थोड़ा बढ़ाया था और खुदरा महंगाई के अनुमान में मामूली कमी दर्ज की थी।
आईसीआईसीआई बैंक ने जताया आरबीआई के अनुमान से बेहतर जीडीपी ग्रोथ का भरोसा
आईसीआईसीआई बैंक के अर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार केंद्रीय बैंक के अनुमानों से भी ज्यादा मजबूत रह सकती है। बैंक ने वित्त वर्ष 2027 में देश की जीडीपी ग्रोथ 6.9 प्रतिशत और वित्त वर्ष 2028 में इसके बढ़कर 7.2 प्रतिशत तक पहुंचने की उम्मीद जताई है, जबकि वैश्विक उथल-पुथल का असर अन्य देशों की नीतियों पर भी पड़ रहा है।


