जयपुर । मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान-2.0 के तहत राज्य स्तरीय निर्देश समिति की पहली बैठक सचिवालय में आयोजित की गई। बैठक में अभियान की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए विभिन्न विभागों के समन्वय से जल संरक्षण कार्यों को और गति देने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के इस अभियान को जन आंदोलन के रूप में व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाते हुए प्रदेश को जल आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस प्रयास किए जाएं एवं मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान की राज्य स्तरीय निर्देश समिति की बैठक प्रत्येक 3 माह में आवश्यक रूप से आयोजित की जाए। बैठक में शासन सचिव एवं आयुक्त, पंचायतीराज विभाग श्री जोगा राम ने बताया गया कि अभियान के तहत चार चरणों में प्रदेश के 20 हजार गांवों में 5 लाख जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है, जिस पर कुल 11,200 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। प्रथम चरण में निर्धारित 1.14 लाख लक्ष्य कार्य के विरुद्ध 1.17 लाख कार्य पूर्ण कर लिए है जो कि 103 प्रतिशत हैं। जबकि 7 हजार से अधिक कार्य प्रगति पर हैं। अभियान के तहत जनभागीदारी को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें लाखों लोगों की भागीदारी रही। ‘वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान’ के तहत 11 हजार ग्राम पंचायतों में 3.70 लाख कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें 2.53 करोड़ से अधिक लोगों ने भाग लिया। अभियान से कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। कई क्षेत्रों में फसल उत्पादन, सिंचित क्षेत्र एवं भूजल स्तर में वृद्धि दर्ज की गई है। किसानों की औसत आय में भी वृद्धि हुई है। अभियान में विभिन्न संस्थाओं एवं ष्टस्क्र के माध्यम से भी सहयोग प्राप्त हो रहा है। अब तक 20 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जल संरक्षण कार्यों एवं क्षमता निर्माण पर व्यय के लिए प्रतिबद्ध की गई है।
मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान-2.0 की समीक्षा बैठक आयोजित


