More
    Homeराज्यमध्यप्रदेशयुवक की मौत पर फूटा गुस्सा, दूसरे दिन भी सड़क पर उतरे...

    युवक की मौत पर फूटा गुस्सा, दूसरे दिन भी सड़क पर उतरे ग्रामीण

    जबलपुर। गौर पुलिस चौकी के जमतरा घाट पर अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ पुलिस-प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई के दौरान सोमवार 20 अप्रैल युवक की मौत के बाद मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। सोमवार को हुई घटना के बाद जहां देर शाम तक ग्रामीणों का आक्रोश बना रहा, वहीं मंगलवार 21 अप्रैल की सुबह होते ही गुस्सा फिर भड़क उठा। आक्रोशित ग्रामीणों ने गौर पुल के नीचे चक्का जाम कर दिया, जिससे यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया।

    विदित हो कि सोमवार को ग्रामीण एसडीएम अभिषेक सिंह के नेतृत्व में पुलिस, प्रशासनिक और माइनिंग विभाग की टीम ने जमतरा घाट घर अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ दबिश दी थी। टीम को देखते ही घाट पर भगदड़ मच गई। इसी दौरान खिरैनी घाट, बरगी निवासी 24 वर्षीय आकाश बर्मन खुद को घिरा देख घबरा गया और नर्मदा नदी में कूद गया, जिससे उसकी डूबने से मौत हो गई। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ टीम को बुलाया गया, जिसने काफी मशक्कत के बाद शव को बाहर निकाला।

    परिजनों ने पुलिस-प्रशासन पर लगाये गंभीर आरोप

    घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। मृतक के भाई ने आरोप लगाया कि पुलिस और प्रशासनिक टीम के लोगों ने आकाश को पकड़कर मारपीट की और घाट तक ले गए, जहां वह पानी में डूब गया। आरोप यह भी है कि जब आकाश नदी में फडफ़ड़ा रहा था, तब किसी ने उसे बचाने की कोशिश नहीं की और बाद में परिजनों को धमकाया भी गया।

    सुबह से चक्का जाम

    मंगलवार सुबह बड़ी संख्या में ग्रामीण गौर पुल के नीचे एकत्रित हुए और चक्का जाम कर दिया। लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। चक्का जाम के चलते दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आवागमन पूरी तरह ठप हो गया। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन बड़े रेत माफियाओं को संरक्षण देता है, जबकि गरीबों को निशाना बनाया जाता है। उनका कहना है कि मशीनों और डंपरों से खुलेआम रेत का अवैध उत्खनन होता है, लेकिन कार्रवाई केवल छोटे स्तर पर रेत निकालने वाले लोगों पर ही होती है।

    पुलिस बल ने संभाला मोर्चा

    स्थिति बिगडऩे की सूचना पर बरेला, बरगी और गोराबाजार थानों का पुलिस बल मौके पर पहुंचा और ग्रामीणों को समझाइश देने में जुट गया। काफी देर तक चली बातचीत और दोषियों पर कार्रवाई के आश्वासन के बाद ग्रामीण शांत हुए और जाम समाप्त किया गया।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here