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    मोहन कैबिनेट का बड़ा फैसला, किसानों को जमीन के बदले चार गुना कीमत

    भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में बुधवार, 22 अप्रैल 2026 को आयोजित कैबिनेट बैठक में प्रदेश के विकास और जन-कल्याण से जुड़े कई क्रांतिकारी फैसलों पर मुहर लगी है। राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने बैठक के बाद इन महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी साझा की।

    यहाँ कैबिनेट के प्रमुख फैसलों का विवरण दिया गया है:

    किसानों के लिए बड़ी सौगात: अब 4 गुना मुआवजा: कैबिनेट ने किसानों के हित में एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए भूमि अधिग्रहण के नियमों में बदलाव किया है:

    मुआवजा वृद्धि: अब शासकीय कार्यों के लिए किसानों की भूमि अधिग्रहित करने पर 4 गुना मुआवजा दिया जाएगा। पहले यह राशि मात्र 2 गुना थी।

    फैक्टर-2 निर्धारण: पूरे प्रदेश में ग्रामीण क्षेत्रों की भूमि के लिए 'फैक्टर 2' लागू करने का प्रावधान किया गया है, जिससे किसानों को उनकी जमीन का उचित और दोगुना बाजार मूल्य मिल सके।

    विकास और सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी

    भारी निवेश: प्रदेश में बुनियादी ढांचे और निर्माण कार्यों के लिए 33 हजार करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।

    सिंचाई का लक्ष्य: राज्य में 100 लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचित करने के लिए नई परियोजनाओं को हरी झंडी मिली है।

    इंदौर को लाभ: इंदौर के लिए 157 करोड़ रुपये की सिंचाई परियोजना मंजूर की गई है। इससे 135 गांवों की 10 हजार हेक्टेयर भूमि प्यास बुझा सकेगी।

    भवन और लोक निर्माण: लोक निर्माण विभाग को भवनों के निर्माण और मरम्मत हेतु 25,164 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

    शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा

    नि:शुल्क साइकिल वितरण: कक्षा 6वीं और 9वीं के छात्र-छात्राओं को सरकार की ओर से निशुल्क साइकिलें दी जाएंगी।

    सीएम केयर योजना: स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए 'सीएम केयर योजना' को विधिवत मंजूरी दे दी गई है।

    मरीजों के परिजनों के लिए सुविधा: मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों में मरीजों के साथ आने वाले परिजनों के लिए 'नॉन-प्रॉफिट नॉन-लॉस' मॉडल पर रियायती भोजन और ठहरने की व्यवस्था की जाएगी।

    नारी शक्ति वंदन: महिलाओं के सशक्तिकरण पर केंद्रित विशेष सत्र 27 अप्रैल को आयोजित होगा, जिसमें महिला हितों पर विशेष चर्चा की जाएगी।

    अमरकंटक और नर्मदा संरक्षण
    पर्यावरण और धार्मिक आस्था को ध्यान में रखते हुए कैबिनेट ने अमरकंटक में नर्मदा नदी के उद्गम स्थल और तटों से अतिक्रमण हटाने की एक व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। सरकार का लक्ष्य नर्मदा तटों को प्रदूषण और अवैध निर्माण से मुक्त कर उनका सौंदर्यीकरण करना है।

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