जिलेभर में धरोहर संरक्षण के लिए पांडुलिपियों का सूचीकरण, ज्ञान भारतम् अभियान जारी
अलवर। राजस्थान सरकार के कला, साहित्य, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग द्वारा जिले में पांडुलिपि विरासत के संरक्षण और दस्तावेजीकरण के लिए एक महत्वपूर्ण अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान ज्ञान भारतम् मिशन के अंतर्गत संचालित किया जा रहा है।
पर्यटन विभाग की उपनिदेशक डॉ. टीना यादव ने बताया कि भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के निर्देशन में मई माह तक पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य जिले में मौजूद प्राचीन एवं दुर्लभ पांडुलिपियों का सर्वेक्षण और सूचीकरण करना है।
उन्होंने बताया कि इस सर्वेक्षण में शैक्षणिक संस्थान, विश्वविद्यालय, महाविद्यालय, मंदिर, मठ, संग्रहालय, पुस्तकालय तथा निजी संग्राहकों के पास उपलब्ध पांडुलिपियों को चिन्हित किया जाएगा। इन पांडुलिपियों का दस्तावेजीकरण कर उन्हें संरक्षित करने की दिशा में कार्य किया जाएगा, ताकि भविष्य की पीढ़ियों के लिए इस सांस्कृतिक धरोहर को सुरक्षित रखा जा सके।
राज्य सरकार ने आम नागरिकों, संस्थानों और निजी संग्राहकों से अपील की है कि वे अपने पास उपलब्ध पांडुलिपियों की जानकारी साझा कर इस राष्ट्रीय महत्व के अभियान में सहयोग करें।
इस अभियान के प्रथम चरण में नागरिक ज्ञान भारत ऐप पर पांडुलिपियों से संबंधित जानकारी अपलोड कर सकते हैं, जिससे सर्वेक्षण प्रक्रिया को गति मिलेगी।
यह पहल न केवल ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का एक सशक्त प्रयास भी है।
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