More
    Homeराजनीतिशुभेंदु की नंदीग्राम पर जिद, लेकिन शाह ने नहीं मानी बात

    शुभेंदु की नंदीग्राम पर जिद, लेकिन शाह ने नहीं मानी बात

    कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के ऐतिहासिक नतीजों ने राज्य की राजनीतिक दिशा बदल दी है। भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के अभेद्य माने जाने वाले किले को न केवल चुनौती दी, बल्कि उन्हें उनके ही घर भवानीपुर में करारी शिकस्त देकर एक नया इतिहास रच दिया। भवानीपुर के साथ-साथ शुभेंदु ने नंदीग्राम सीट पर भी अपनी बादशाहत बरकरार रखते हुए दोहरी जीत हासिल की है। राजनीतिक विश्लेषक इसे केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के उस 'मास्टरप्लान' की सफलता मान रहे हैं, जिसके तहत ममता बनर्जी को उनके सबसे सुरक्षित क्षेत्र में घेरने की रणनीति बनाई गई थी।

    भवानीपुर का कांटे का मुकाबला: उतार-चढ़ाव भरी जीत

    भवानीपुर सीट पर हुई मतगणना किसी थ्रिलर फिल्म से कम नहीं रही। शुरुआती रुझानों में पिछड़ने के बाद ममता बनर्जी ने बीच के राउंड्स में करीब 17 हजार मतों की मजबूत बढ़त बना ली थी, जिससे टीएमसी खेमे में जश्न का माहौल था। हालांकि, अंतिम राउंड्स की गिनती ने पासा पूरी तरह पलट दिया। 20 राउंड की गहन मतगणना के बाद शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को 15,105 मतों के अंतर से पराजित किया।

    • शुभेंदु अधिकारी: 73,917 वोट

    • ममता बनर्जी: 58,812 वोट

    • अन्य: वामपंथी और कांग्रेस उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई।

    नंदीग्राम में भी बरकरार रहा दबदबा

    नंदीग्राम में, जहाँ से शुभेंदु अधिकारी का सियासी कद और बढ़ा, वहाँ भी उन्होंने टीएमसी के पवित्र कर को 9,492 वोटों के अंतर से मात दी। अधिकारी को यहाँ 1,27,301 वोट मिले, जो उनकी जमीनी पकड़ को साबित करते हैं। एक ही समय में दो सीटों पर मुख्यमंत्री स्तर के नेता को चुनौती देना और जीत हासिल करना शुभेंदु के राजनीतिक करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

    "हिंदुत्व और रणनीतिक एकता की जीत"

    जीत का प्रमाणपत्र प्राप्त करने के बाद उत्साहित शुभेंदु अधिकारी ने इसे एक 'निर्णायक क्षण' करार दिया। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी को उनके गढ़ में हराना यह साबित करता है कि पश्चिम बंगाल की जनता अब बदलाव चाहती है। उन्होंने इस जीत को हिंदुत्व की जीत बताते हुए दावा किया कि टीएमसी विरोधी वोट—जिनमें वामपंथी मतदाताओं का एक बड़ा हिस्सा भी शामिल था—बीजेपी के पक्ष में एकजुट हो गया। अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि इस पूरे चुनाव और मतगणना के दौरान पीएम मोदी और अमित शाह पल-पल की जानकारी ले रहे थे।

    ममता बनर्जी की इस हार और शुभेंदु अधिकारी के इस अभूतपूर्व उदय ने बंगाल की सत्ता के समीकरणों को पूरी तरह बदल दिया है, जिससे ममता बनर्जी के नेतृत्व और उनके राजनीतिक भविष्य पर भी बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here