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    पशुपालन योजनाओं की समीक्षा बैठक में तेजी के निर्देश, जयपुर में हुई बैठक

    मंगला पशु बीमा और सीमन योजना पर समीक्षा, लक्ष्य समय पर पूरा करने के निर्देश

    जयपुर। पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत की अध्यक्षता में शासन सचिवालय में मंगलवार को मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना और सेक्स सॉर्टेड सीमन योजना की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में योजनाओं की प्रगति का आकलन करते हुए कार्य में तेजी लाने और निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए।

    मंत्री कुमावत ने कहा कि नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार पशुधन संवर्द्धन और पशुपालन क्षेत्र के विकास के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने दोनों योजनाओं की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों और बीमा कंपनियों को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।

    बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि मंगला पशु बीमा योजना के तहत मार्च तक 35 लाख से अधिक पशुओं का पंजीकरण हो चुका है, जबकि 20.24 लाख से अधिक पशुओं की बीमा पॉलिसी जारी की जा चुकी है। साथ ही 15,741 दावों का निस्तारण कर पशुपालकों को करीब 30.73 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।

    मंत्री कुमावत ने बीमा कंपनी को दावों के भुगतान की गति बढ़ाने, सर्वेयर की संख्या बढ़ाने और लंबित मामलों को जल्द समाप्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने जून माह तक 42 लाख बीमा पॉलिसी जारी करने का लक्ष्य पूरा करने को कहा। साथ ही समय पर पॉलिसियों के नवीनीकरण और पशु चिकित्सकों एवं सर्वेयर को मानदेय भुगतान सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।

    मंत्री ने निर्देश दिए कि रेंज, जिला और ब्लॉक स्तर के अधिकारी प्रतिदिन पांच गांवों का भौतिक निरीक्षण कर योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट निदेशालय को भेजें, ताकि जमीनी स्तर पर योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।

    सेक्स सॉर्टेड सीमन योजना की समीक्षा करते हुए मंत्री ने इसे बजट घोषणा का महत्वपूर्ण कार्यक्रम बताते हुए समयबद्ध तरीके से लक्ष्य प्राप्त करने पर जोर दिया। अधिकारियों ने बताया कि अब तक 2 लाख पशुओं में इस तकनीक से कृत्रिम गर्भाधान किया जा चुका है और अप्रैल तक 5 लाख डोज जिलों को भेजी जा चुकी हैं। अगस्त तक 5 लाख कृत्रिम गर्भाधान का लक्ष्य पूरा करने का भरोसा भी अधिकारियों ने जताया।

    मंत्री कुमावत ने निर्देश दिए कि योजना में उत्कृष्ट कार्य करने वाले चिकित्सकों और कर्मचारियों को सम्मानित किया जाए, जिससे उनका मनोबल बढ़े और अन्य को भी प्रोत्साहन मिले।

    बैठक में पशुओं में फैलने वाली मौसमी बीमारियों से बचाव और टीकाकरण कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने स्पष्ट किया कि एफएमडी सहित अन्य टीकाकरण कार्यक्रमों में किसी भी प्रकार की अनियमितता या फर्जीवाड़ा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    अधिकारियों ने बताया कि एफएमडी टीकाकरण सुचारू रूप से चल रहा है और इसके बाद लंपी रोग की रोकथाम के लिए विशेष टीकाकरण अभियान शुरू किया जाएगा।

    प्रमुख शासन सचिव विकास सीतारामजी भाले ने कहा कि वर्ष 2030 तक एफएमडी उन्मूलन का लक्ष्य रखा गया है, जिसके लिए योजनाबद्ध तरीके से निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने सभी पशु चिकित्सा संस्थानों में टीकाकरण कैलेंडर प्रदर्शित करने के निर्देश दिए।

    निदेशक डॉ. सुरेश चंद मीना ने बताया कि फिलहाल कर्रा रोग की कोई सूचना नहीं है और एहतियाती उपायों के तहत मिनरल मिक्सचर व अन्य सप्लीमेंट का वितरण किया जा चुका है।

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