लू-तापघात से श्रमिक सुरक्षा को लेकर औद्योगिक संस्थानों में कार्य समय और सुविधाओं पर जोर
अलवर। ग्रीष्म ऋतु में अत्यधिक तापमान और लू-तापघात की संभावना को देखते हुए श्रम विभाग ने औद्योगिक संस्थानों में कार्यरत श्रमिकों की सुरक्षा के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
सहायक श्रम आयुक्त पंकज शर्मा ने नियोक्ताओं को निर्देशित किया है कि मई और जून माह में दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक लू का प्रभाव सबसे अधिक रहता है। ऐसे में श्रमिकों के कार्य समय को इस प्रकार पुनः निर्धारित किया जाए कि वे सीधे गर्मी और तापघात के प्रभाव से बच सकें।
निर्देशों के अनुसार सभी औद्योगिक इकाइयों में श्रमिकों के लिए शुद्ध एवं ठंडे पेयजल की अनिवार्य व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही कार्यस्थल पर आवश्यक दवाइयां, प्राथमिक चिकित्सा किट तथा आपात स्थिति के लिए नर्स एवं कंपाउंडर की व्यवस्था चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
निर्माण स्थलों पर लू-तापघात से बचाव के लिए आइस-पैक उपलब्ध करवाना भी अनिवार्य किया गया है।
श्रम विभाग ने ठेका श्रम अधिनियम 1970 के प्रावधानों के तहत कैंटीन, विश्राम कक्ष, शौचालय एवं मूत्रालय जैसी मूलभूत सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं।
इसके अलावा जिन संस्थानों में पीस रेट अथवा काम के आधार पर दिहाड़ी श्रमिक कार्यरत हैं, वहां मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए गर्मी के कारण कार्य क्षमता प्रभावित होने पर मजदूरी में किसी प्रकार की कटौती नहीं करने को कहा गया है।
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