नीलगाय मांस तस्करी को लेकर ग्रामीणों और गौरक्षकों ने जताई नाराजगी
अलवर। दिल्ली-जयपुर हाईवे मार्ग पर कोटपूतली-बहरोड़ रोड पर शुक्रवार देर रात नीलगाय तस्करी की आशंका में ग्रामीणों और गौरक्षकों ने एक संदिग्ध पिकअप वाहन का पीछा किया। पीछा करने के बाद वाहन को रोककर जांच की गई तो उसमें नीलगायों का मांस भरा मिला। बताया जा रहा है कि मांस बड़े कंटेनरों और कट्टों में भरकर जयपुर से हरियाणा की मीट मंडी ले जाया जा रहा था।
जानकारी के अनुसार पिकअप वाहन के चारों तरफ तिरपाल बंधा हुआ था। कोटपूतली क्षेत्र में एक ढाबे के पास कुछ ग्रामीणों को वाहन में गौवंश होने की आशंका हुई, जिसके बाद गौरक्षकों और ग्रामीणों ने उसका पीछा शुरू किया। आगे जाकर एक बाइक सवार ने ओवरटेक कर वाहन को रुकवाया और जांच की गई।
जांच के दौरान वाहन में नीलगायों का मांस मिलने की बात सामने आई। गौरक्षकों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, लेकिन पुलिस के मौके पर पहुंचने से पहले ही चालक वाहन लेकर फरार हो गया। गौरक्षक देवेंद्र गुर्जर ने आरोप लगाया कि पुलिस की ओर से समय पर सहयोग नहीं मिलने के कारण आरोपी भागने में सफल रहा।
इससे पहले भी राजस्थान में नीलगायों के मांस तस्करी के मामले सामने आ चुके हैं। हाल ही में बाड़ी कंचनपुरा थाना क्षेत्र में एक दुर्घटनाग्रस्त कार से करीब 350 किलो नीलगाय का मांस बरामद किया गया था। कार पेड़ से टकराने के बाद उसमें रखे कट्टे सड़क पर गिर गए थे, जिसके बाद ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस ने जांच की थी। उस मामले में पुलिस ने वाहन जब्त कर आरोपी अली मोहम्मद को हिरासत में लिया था।
गौरक्षा संगठनों और ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रदेश में नीलगायों की हत्या कर उनके मांस, खाल और हड्डियों की अवैध तस्करी का नेटवर्क सक्रिय है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से इस पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
गौरक्षकों का कहना है कि लगातार विरोध प्रदर्शन, ज्ञापन और शिकायतों के बावजूद ऐसे मामलों पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है, जिससे वन्यजीवों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा बना हुआ है।
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