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    Homeराज्यदो युवकों की नहर में डूबने से मौत, सुबह मिले शव

    दो युवकों की नहर में डूबने से मौत, सुबह मिले शव

    महेंद्रगढ़। हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के अंतर्गत आने वाले गांव पाथेड़ा में उस वक्त शोक की लहर दौड़ गई, जब दो पक्के दोस्तों की नहर के गहरे पानी में डूबने से असमय मौत हो गई। दोनों युवक रविवार शाम को खेतों की तरफ टहलने के लिए निकले थे, लेकिन जब वे देर रात तक वापस नहीं लौटे, तो परिजनों की चिंता बढ़ गई। काफी खोजबीन के बाद सोमवार सुबह दोनों के शव पाथेड़ा और धनौंदा गांव के बीच बनी पुलिया के पास पानी में तैरते हुए मिले। पुलिस ने परिजनों के बयानों के आधार पर नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम कराने के बाद शवों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया है। गांव में एक साथ दो सहेलियों जैसी दोस्ती निभाने वाले युवकों की अर्थी उठने से हर आंख नम है।

    खेतों में घूमने निकले थे हेमराज और रविंद्र, सुबह मिला शव

    मृतक युवक के भाई वीरेंद्र ने पुलिस को बताया कि उसका 34 वर्षीय भाई हेमराज और उसका बचपन का परम मित्र रविंद्र उर्फ बजरंग (34) रविवार शाम को घर से यह कहकर निकले थे कि वे खेतों की तरफ चक्कर लगाने जा रहे हैं। जब देर रात तक दोनों का कोई सुराग नहीं मिला, तो परिवार वालों ने रातभर उन्हें हर संभावित जगह पर ढूंढा। सोमवार सुबह ग्रामीणों ने धनौंदा पुल के पास नहर में दो इंसानी शरीर उतराते देखे, जिसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने ग्रामीणों की मदद से दोनों शवों को बाहर निकाला।

    नहर के किनारे मिले कपड़े और चप्पल, तैरना न जानना बना काल

    सोमवार सुबह जब ग्रामीण और पुलिस मौके पर पहुंचे, तो नहर के किनारे रविंद्र के कपड़े और चप्पल करीने से रखे हुए मिले, जबकि हेमराज का शव कपड़ों समेत पानी के भीतर था। ग्रामीणों के अनुसार, पाथेड़ा नहर से पूरे जिले में पीने के पानी की सप्लाई होती है और करीब एक हफ्ते पहले ही इसमें पानी का बहाव बंद किया गया था। इसके बावजूद पाथेड़ा से धनौंदा के बीच बनी पुलिया के पास नहर में करीब 8 से 10 फीट गहरा पानी जमा था। आशंका है कि रविंद्र नहाने के लिए कपड़े उतारकर पानी में उतरा होगा, लेकिन गहराई का अंदाजा न होने से वह डूबने लगा।

    दोस्ती निभाने के चक्कर में डूबा दूसरा दोस्त, परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़

    स्थानीय लोगों का अनुमान है कि जब रविंद्र पानी में छटपटाने लगा होगा, तो किनारे पर खड़े हेमराज ने अपनी जान की परवाह किए बिना अपने जिगरी दोस्त को बचाने के लिए नहर में छलांग लगा दी। चूंकि दोनों में से किसी को भी तैरना नहीं आता था, इसलिए 10 फीट गहरे पानी और दलदल के कारण दोनों ही जिंदगी की जंग हार गए। दोनों दोस्त बेहद साधारण परिवार से थे और खेती-किसानी व मजदूरी कर अपने परिवार का पेट पालते थे। इस हादसे ने दो हंसते-खेलते परिवारों को उजाड़ दिया है; मृतक रविंद्र अपने पीछे एक बेटा (15) व बेटी (10) छोड़ गया है, वहीं हेमराज के सिर से भी उसके दो बेटों (9 और 13 वर्ष) का साया उठ गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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