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    किसानों के लिए बड़ी राहत, राजस्थान में ब्याजमुक्त लोन का वितरण शुरू

    सीकर। राजस्थान के कृषि क्षेत्र और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को संबल देने के लिए सहकारिता विभाग ने एक बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश सरकार सहकारी बैंकों के माध्यम से राज्य के लगभग 27 लाख से ज्यादा किसानों को बिना किसी ब्याज के (इंटरेस्ट-फ्री) फसली ऋण मुहैया कराने की तैयारी में जुट गई है। इस महत्वाकांक्षी योजना का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि आगामी खरीफ सीजन की बुवाई के समय किसानों को खाद-बीज के लिए स्थानीय साहूकारों या निजी फाइनेंसरों के चंगुल में फंसकर मोटी ब्याज दरों पर कर्ज नहीं लेना पड़ेगा। इसके साथ ही, सहकारिता विभाग इस सीजन में हजारों नए किसानों को भी इस नेटवर्क से जोड़ने की मुहिम शुरू कर रहा है।

    सीकर जिले को ₹791 करोड़ का टारगेट, 1.5 लाख से अधिक किसानों को सीधा फायदा

    योजना के तहत सीकर केंद्रीय सहकारी बैंक को इस बार कुल 791 करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त ऋण वितरित करने का बड़ा लक्ष्य सौंपा गया है। बैंक के इस कदम से सीकर जिले के करीब डेढ़ लाख से ज्यादा सदस्य किसान सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। इसके अलावा, चालू खरीफ सीजन के दौरान जिले में 5,000 नए किसानों को सहकारी समितियों का सदस्य बनाया जाएगा। आपको बता दें कि इस लोन पर लगने वाले कुल ब्याज का 3 फीसदी हिस्सा केंद्र सरकार और 4 फीसदी हिस्सा राज्य सरकार मिलकर वहन करती है, जिससे किसानों पर ब्याज का कोई बोझ नहीं पड़ता।

    ₹1.5 लाख है अधिकतम लोन की सीमा, डिफाल्टरों को नहीं मिलेगी राहत

    सहकारी बैंक के नियमों के मुताबिक, एक किसान को मिलने वाले इस ब्याज मुक्त लोन की अधिकतम सीमा फिलहाल डेढ़ लाख रुपये निर्धारित की गई है। हालांकि, बैंक प्रशासन ने यह भी साफ कर दिया है कि ऐसे किसान जिन्होंने पुराना कर्ज समय पर नहीं चुकाया है और वे डिफाल्टर की श्रेणी में हैं, उन्हें इस योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा। जिले भर में सक्रिय कुल 321 ग्राम सेवा सहकारी समितियां ($PACS$) इस ऋण वितरण कार्य को जमीनी स्तर पर अमलीजामा पहनाने में जुटी हुई हैं।

    नया सदस्य बनने के लिए इन दस्तावेजों की होगी जरूरत

    जो किसान पहली बार सहकारी बैंक का सदस्य बनकर इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं, उन्हें कुछ अनिवार्य दस्तावेजों के साथ आवेदन करना होगा। इसके लिए किसान को अपने खेत की नवीनतम जमाबंदी (भूमि रिकॉर्ड), बैंक पासबुक और पहचान/पारिवारिक दस्तावेज के तौर पर जनाधार कार्ड के जरिए ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन करना होगा। इन दस्तावेजों के सत्यापन के बाद संबंधित ग्राम सेवा सहकारी समिति द्वारा नया लोन तुरंत स्वीकृत कर दिया जाएगा।

    छोटे और सीमांत किसानों को साहूकारों के कर्ज से मिलेगी बड़ी मुक्ति

    सीकर केंद्रीय सहकारी बैंक के मुख्य प्रबंधक मुकेश निठारवाल ने इस संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि राजस्थान के सभी सहकारी बैंकों को खरीफ सीजन के लिए लोन वितरण के टारगेट जारी कर दिए गए हैं, जिसमें सीकर बैंक को 791 करोड़ रुपये का लक्ष्य मिला है। इस योजना से सबसे ज्यादा राहत उन छोटे और सीमांत किसानों को मिलेगी जो अक्सर खेती की शुरुआत में पूंजी (पैसों) की किल्लत से जूझते हैं। शून्य प्रतिशत ब्याज पर पैसा मिलने से उनकी लागत घटेगी और आमदनी में सुधार होगा।

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