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    पेट्रोल-डीजल महंगा होते ही खरगे का वार, बोले- जनता पर बोझ डाल रही केंद्र सरकार

    नई दिल्ली: देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हुई ताजा बढ़ोतरी को लेकर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने ईंधन के दामों में लगातार हो रही वृद्धि पर गहरी नाराजगी जताते हुए मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों की कड़े शब्दों में आलोचना की है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार अपनी रणनीतिक और नीतिगत नाकामियों को छिपाने के लिए सारा वित्तीय बोझ देश के आम नागरिकों की जेब पर डाल रही है। गौरतलब है कि सरकारी तेल कंपनियों द्वारा एक हफ्ते के भीतर ही ईंधन की कीमतों में यह दूसरी बड़ी बढ़ोतरी की गई है, जिससे जनता पर महंगाई की दोहरी मार पड़ी है।

    ईंधन दामों में लगातार बढ़ोतरी पर उठाए सवाल

    कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट साझा करते हुए सरकार के इस कदम को जनविरोधी बताया। उन्होंने कहा कि पिछली बढ़ोतरी को अभी मुश्किल से चार दिन ही बीते थे कि सरकार ने एक बार फिर पेट्रोल-डीजल महंगा कर दिया। खरगे ने तंज कसते हुए कहा कि पहले बड़ी-बड़ी बातें और बचत के उपदेश दिए जाते हैं, और बाद में अपनी प्रशासनिक विफलता का ठीकरा देश की जनता के सिर फोड़ दिया जाता है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार और आयात से जुड़ी नीतियां अनुकूल होने का दावा किया जाता है, तो फिर घरेलू स्तर पर तेल की कीमतों को बढ़ाकर जनता को क्यों प्रताड़ित किया जा रहा है।

    विदेश नीति और तेल आयात को लेकर घेरा

    मल्लिकार्जुन खरगे ने देश की विदेश नीति और ईंधन आयात के मुद्दों को उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सीधे निशाने पर लिया। उन्होंने अमेरिकी प्रतिबंधों के बीच रूस से तेल खरीदने की प्रक्रिया का जिक्र करते हुए कहा कि खुद को 'विश्व गुरु' बताने वाली सरकार को रूसी कच्चे तेल के आयात की अनुमति के लिए अमेरिका के सामने एक महीने की मोहलत बढ़ाने की गुहार लगानी पड़ी है। कांग्रेस नेता ने दावा किया कि इस तरह के कदमों से दुनिया भर में 140 करोड़ भारतीयों के राष्ट्रीय आत्म-सम्मान और संप्रभुता को ठेस पहुंचती है। उन्होंने कहा कि देश के इतिहास में किसी भी पूर्ववर्ती सरकार ने विदेशी ताकतों के सामने इस तरह से आत्मसमर्पण नहीं किया था।

    पीआर स्टंट और वास्तविक मुद्दों से दूरी का आरोप

    सरकार की कार्यप्रणाली पर कड़ा प्रहार करते हुए कांग्रेस प्रमुख ने कहा कि केवल विदेशों में प्रायोजित प्रचार अभियान (पीआर स्टंट) चलाने से कोई भी नेता या देश विश्व गुरु नहीं बन जाता, इसके लिए जनता के प्रति जवाबदेही दिखानी होती है। उन्होंने भाजपा नेतृत्व पर दूरदर्शिता और आर्थिक सूझबूझ की भारी कमी होने का आरोप लगाया। खरगे ने कहा कि जब देश के सामने आर्थिक संकट गहरा रहा था, तब सत्ताधारी दल केवल चुनावों में व्यस्त था और जनता को राहत देने के बजाय मीठी बातों में उलझाकर टैक्स वसूलने की योजनाएं बना रहा था। उन्होंने प्रधानमंत्री से मांग की कि वे आम खाने या टॉनिक पीने जैसे गैर-जरूरी विषयों के बजाय देश के वास्तविक आर्थिक संकट और महंगाई से निपटने के लिए उठाए जा रहे ठोस कदमों पर जनता को जवाब दें।

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