More
    Homeधर्म-समाजआखिर हनुमानगढ़ी को क्यों कहते हैं अयोध्या का सुरक्षा द्वार? राम मंदिर...

    आखिर हनुमानगढ़ी को क्यों कहते हैं अयोध्या का सुरक्षा द्वार? राम मंदिर से जुड़ी धार्मिक मान्यता

    रामनगरी अयोध्या में स्थित हनुमानगढ़ी केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि आस्था, सुरक्षा और रामभक्ति का प्रतीक मानी जाती है. इतना ही नहीं, अयोध्या का सिद्ध पीठ रहस्य से भरा पड़ा सिद्ध पीठ हनुमानगढ़ी में जैसे ही आप प्रवेश करेंगे, वैसे ही आपको तामपत्र से लपेटा एक स्तंभ नजर आएगा और खास बात ये है कि इस स्तंभ के बारे में कहा जाता है कि हनुमान जी महाराज ने स्वयं इसे लगाया था, जो अयोध्या की रक्षा का भी प्रतीक माना जाता है. यही वजह है कि हनुमानगढ़ी को अयोध्या का सुरक्षा द्वार कहा जाता है. मान्यता है कि जो भी श्रद्धालु रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या आता है, वह सबसे पहले हनुमानगढ़ी में बजरंगबली के दर्शन करता है, तभी उसकी यात्रा पूर्ण मानी जाती है.
    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जब भगवान श्रीराम लंका विजय के बाद अयोध्या लौटे थे, तब उन्होंने अपने परम भक्त हनुमान जी को अयोध्या की रक्षा का दायित्व सौंपा था. कहा जाता है कि जिस स्थान पर आज हनुमानगढ़ी स्थित है, वहीं हनुमान जी निवास करते थे और पूरी अयोध्या की सुरक्षा करते थे. इसी कारण यह स्थान अयोध्या का प्रहरी और सुरक्षा द्वार कहलाया.
    आध्यात्मिक किला का प्रतीक
    हनुमानगढ़ी का इतिहास भी बेहद रोचक माना जाता है. यहां पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को लगभग 76 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं. मंदिर परिसर किलेनुमा संरचना में बना हुआ है, जो इसकी सुरक्षा से जुड़ी मान्यताओं को और मजबूत करता है. मान्यता है कि त्रेता युग में यहां से पूरी अयोध्या पर नजर रखी जाती थी. यही वजह है कि हनुमानगढ़ी को केवल मंदिर नहीं, बल्कि आध्यात्मिक किला भी कहा जाता है.

    विजय और सुरक्षा परंपरा से जुड़ी मान्यता
    अयोध्या के विद्वान पवन दास शास्त्री बताते हैं कि हनुमानगढ़ी के आसपास जामवंत किला, सुग्रीव किला और प्रभु श्रीराम का राजमहल स्थित था. लंका विजय के बाद युद्ध से जुड़े कई विजय प्रतीक भी यहां लाकर सुरक्षित रखे गए थे. यही कारण है कि इस स्थान का संबंध केवल भक्ति से नहीं, बल्कि रामायण कालीन विजय और सुरक्षा परंपरा से भी जुड़ा हुआ है.
    हनुमानगढ़ी में विराजमान बाल हनुमान की प्रतिमा भक्तों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र है. यहां हर दिन हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं और मान्यता है कि सच्चे मन से प्रार्थना करने पर हनुमान जी भक्तों की सभी बाधाएं दूर करते हैं. इतना ही नहीं, हनुमान जी महाराज चारों युग में विराजमान हैं और अयोध्या की रक्षा करते हैं. खास बात यह है कि इस स्तंभ में गीता के श्लोक भी अंकित किए गए हैं. दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालु यहां दर्शन-पूजन कर पुण्य को अर्जित करते हैं और अपनी रक्षा के लिए कामना भी करते हैं.

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here