जयपुर में कृषि आयुक्त और किसान प्रतिनिधियों की बैठक, फसल बीमा, क्लेम और उर्वरक पर बनी महत्वपूर्ण सहमति
जयपुर। राजस्थान कृषि आयुक्तालय में सोमवार शाम किसान प्रतिनिधियों एवं कृषि आयुक्त राजस्थान के बीच प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना तथा किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत बैठक आयोजित हुई। करीब दो घंटे चली इस बैठक में कई अहम बिंदुओं पर सहमति बनी तथा कुछ मुद्दों पर आगामी बैठक में निर्णय लेने पर सहमति व्यक्त की गई।
बैठक में कृषि आयुक्त एवं पदेन उप शासन सचिव आईएएस नरेश कुमार गोयल सहित कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। किसान प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट ने किया।
बैठक में किसान महापंचायत के प्रदेश मंत्री बत्ती लाल बैरवा, युवा प्रदेश अध्यक्ष रामेश्वर चौधरी, हरलाल क्रांतिकारी, गोपीलाल डोडवाड़ी, नंदलाल मीणा, रामगोपाल गुर्जर, हरजीराम गठाला, रामनिवास जांगिड़, चतुर्भुज चौधरी, सुगनाराम खोखर, लालाराम, दौलत सिंह, सांवरलाल जाट, रामदेव दूधवाल सहित अनेक किसान प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बैठक में इन प्रमुख बिंदुओं पर बनी सहमति
- प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत “मेरी पॉलिसी, मेरे हाथ” अभियान के अंतर्गत लंबित पॉलिसी प्रतियों का वितरण एक सप्ताह के भीतर शुरू करने का आश्वासन दिया गया।
- फसल बीमा क्लेम में गलत फसल अंकन की समस्या के समाधान के लिए फसल बीमा को खसरा गिरदावरी से जोड़ने के निर्देश दिए गए।
- क्रॉप कटिंग प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर पांच विशेषज्ञों की समिति गठित करने के प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा।
- प्रत्येक ग्राम पंचायत के सूचना पट्ट पर किसानों से वसूले गए प्रीमियम तथा प्राप्त क्लेम राशि का वार्षिक विवरण सार्वजनिक करने पर सहमति बनी।
- किसान प्रतिनिधियों के साथ प्रतिमाह नियमित समीक्षा बैठक आयोजित करने के लिए कृषि आयुक्तालय को निर्देश दिए गए।
- जिन किसानों का नियमानुसार क्लेम लंबित है, उनके मामलों की समीक्षा अगली बैठक में बीमा कंपनियों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में की जाएगी।
ऋणी किसानों को लेकर चर्चा अगली बैठक में
बैठक में गैर ऋणी किसानों की तरह ऋणी किसानों के लिए भी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को स्वैच्छिक बनाने का मुद्दा उठाया गया। इस विषय पर विस्तृत चर्चा अगले दौर की बैठक में करने पर सहमति बनी।
उर्वरक उपलब्धता पर भी हुआ मंथन
किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए राजसमंद और सिरोही जिलों में चल रहे प्रायोगिक मॉडल की समीक्षा के बाद इसे पूरे राजस्थान में लागू करने की दिशा में कार्य करने की जानकारी दी गई।
टोंक जिले के शंकर बीज खाद भंडार, ककोड़ में यूरिया की आपूर्ति से जुड़ी तकनीकी त्रुटि का भी मामला बैठक में उठा। अधिकारियों ने बताया कि मशीन में गलत अंकन होने के कारण पूरे प्रदेश में यूरिया आवंटन प्रभावित हुआ। इस त्रुटि के सुधार के लिए कृषि आयुक्तालय की ओर से केंद्र सरकार को पत्र भेजा जा चुका है।
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