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    साध्वियों की मौत से गुस्से में जैन समाज: रीवा घटना के विरोध में देशव्यापी प्रदर्शन आज

    रीवा: मध्य प्रदेश के रीवा में कलेक्ट्रेट के सामने बुधवार की दोपहर एक बेहद दर्दनाक हादसा हुआ, जिसने पूरे जैन समाज को हिलाकर रख दिया है। इस दुखद घटना में दो जैन साध्वियों की असमय मौत हो गई है, जबकि एक अन्य साध्वी गंभीर रूप से घायल हैं। घायल साध्वी का अस्पताल में इलाज चल रहा है। इस घटना के बाद से ही जैन समाज में गहरा दुख और भारी आक्रोश देखा जा रहा है। इसी के विरोध में आज सोमवार, 25 मई को जैन समाज ने देशभर में प्रदर्शन करने का फैसला किया है।

    तेज रफ्तार कार ने मारी टक्कर

    यह घटना उस समय की है जब 20 मई को जैन समाज की तीन साध्वियां दोपहर के वक्त रीवा कलेक्ट्रेट के सामने से पैदल गुजर रही थीं। इसी दौरान एक बेहद तेज रफ्तार कार ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि पूज्य श्रुति मति माता जी ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे में घायल अन्य दो साध्वियों, उपसमिति माता जी और साध्वी आर्यिका माता जी को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान उपसमिति माता जी की भी मौत हो गई। साध्वी आर्यिका माता जी की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है और डॉक्टर उनके इलाज में जुटे हैं।

    आरोपी ड्राइवर जबलपुर से गिरफ्तार

    हादसे को अंजाम देने के बाद कार चालक रशीद आबाद अली शाह मौके से गाड़ी लेकर फरार हो गया था। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तेजी से कार्रवाई की और आरोपी ड्राइवर को जबलपुर से गिरफ्तार कर लिया है। घटना के बाद जैन समाज का गुस्सा न भड़के और स्थिति नियंत्रण में रहे, इसके लिए कमिश्नर बीएस जामोद, डिप्टी कमिश्नर नरेंद्र सूर्यवंशी और एसपी गुरुकरण सिंह ने खुद मौके और अस्पताल का मुआयना किया। प्रशासन ने इस पूरे मामले की कड़ाई से जांच करने के आदेश जारी किए हैं।

    देशभर में विरोध और संत सुरक्षा नीति की मांग

    इस घटना को लेकर जैन समाज में लगातार गुस्सा बढ़ता जा रहा है। समाज के लोगों का कहना है कि यह सिर्फ एक आम हादसा नहीं है, बल्कि इसके पीछे कोई गहरी साजिश हो सकती है। यही वजह है कि जैन समाज ने इसे सामान्य दुर्घटना मानने से साफ इनकार कर दिया है। समाज के लोगों ने आज 25 मई को देशव्यापी विरोध प्रदर्शन का ऐलान करते हुए सरकार से इस मामले की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच कराने और देश में साधु-संतों की सुरक्षा के लिए "संत सुरक्षा नीति" को तुरंत लागू करने की पुरजोर मांग की है।

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