पद्मश्री सम्मान के बाद गफूरुद्दीन मेवाती की कला का गौरव, 45 देशों में गूंज चुका है भपंग वादन
अलवर। गफूरुद्दीन मेवाती को पद्मश्री सम्मान मिलने के बाद पूरे अलवर जिले में खुशी की लहर दौड़ गई है। कभी आर्थिक संघर्षों से जूझने वाले गफूरुद्दीन आज अपनी लोक कला के दम पर देश-दुनिया में अलवर का नाम रोशन कर रहे हैं।
राष्ट्रपति भवन में आयोजित सम्मान समारोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनसे आत्मीयता से हाथ मिलाते हुए पूछा, “कैसे हैं आप?” वहीं गृह मंत्री अमित शाह ने भी उन्हें बधाई देकर सम्मानित किया।
गफूरुद्दीन मेवाती अपनी अनोखी भपंग वादन कला के लिए देशभर में प्रसिद्ध हैं। वे अब तक 45 देशों में अपनी प्रस्तुतियां दे चुके हैं और अपनी कला से भारतीय लोक संस्कृति को वैश्विक पहचान दिला चुके हैं।
उन्होंने बताया कि सम्मान समारोह के बाद उन्हें कई केंद्रीय मंत्रियों के साथ भोजन करने का अवसर मिला, जिसे उन्होंने अपने जीवन का यादगार पल बताया। विदेशों में भी उनकी कला को भरपूर सराहना मिली है। लंदन में आयोजित एक कार्यक्रम में उनके भपंग वादन से प्रभावित होकर विदेशी मेहमान भावुक हो गए थे।
गफूरुद्दीन को महाभारत लोकगाथा के करीब ढाई हजार दोहे भी कंठस्थ याद हैं, जो उनकी कला साधना और लोक परंपरा के प्रति समर्पण को दर्शाता है।
पद्मश्री सम्मान मिलने के बाद जब वे अलवर पहुंचे तो लोगों ने ढोल-नगाड़ों और फूल-मालाओं के साथ उनका भव्य स्वागत किया। स्थानीय लोगों ने इसे अलवर और राजस्थान की लोक संस्कृति के लिए गौरव का क्षण बताया।
मिशनसच न्यूज के लेटेस्ट अपडेट पाने के लिए हमारे व्हाट्सप्प ग्रुप को जॉइन करें।
https://chat.whatsapp.com/JX13MOGfl1tJUvBmQFDvB1
अन्य खबरों के लिए देखें मिशनसच नेटवर्क

