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    अस्पताल में अव्यवस्था पर फूटा गुस्सा: डॉक्टरों के देरी से आने पर ग्रामीणों ने सीएचसी पर जड़ा ताला

    कोटपूतली-बहरोड़ | जिले के बनेठी क्षेत्र में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में चिकित्सा कर्मियों की लेट-लतीफी से गुस्साए स्थानीय ग्रामीणों ने अस्पताल के मुख्य द्वार पर ताला लगा दिया और जमकर विरोध-प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी दावों के उलट इस स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकीय सेवाओं को लेकर घोर लापरवाही बरती जा रही है। अस्पताल के प्रवेश द्वार पर तालाबंदी कर प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के ढुलमुल रवैए के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और चिकित्सा व्यवस्था को तुरंत पटरी पर लाने की मांग की।

    रोजाना की देरी से परेशान मरीज, निजी अस्पतालों की शरण में जाने को मजबूर

    प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का कहना है कि इस सीएचसी में तैनात डॉक्टर और अन्य स्वास्थ्य कर्मी अक्सर अपने तय समय से काफी देरी से दफ्तर पहुंचते हैं। इस वजह से अलसुबह से ही दूर-दराज के गांवों से इलाज की आस में आने वाले लाचार मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। कई बार तो हालत यह हो जाती है कि मरीज और उनके तीमारदार बिना इलाज कराए ही वापस लौट जाते हैं या फिर महंगे निजी अस्पतालों में जाने को विवश होते हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, इस अव्यवस्था को लेकर पहले भी कई बार मौखिक तौर पर शिकायतें दर्ज कराई गईं, लेकिन स्थिति जस की तस बनी रही।

    बुधवार सुबह टूटा सब्र का बांध, मुख्य गेट पर जड़ा ताला

    बुधवार की सुबह जब अस्पताल खुलने के आधिकारिक समय के काफी बाद तक स्टाफ के अधिकांश सदस्य अपनी ड्यूटी पर नहीं पहुंचे, तो ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। देखते ही देखते भारी संख्या में ग्रामीण अस्पताल परिसर के बाहर जमा हो गए और विरोध स्वरूप मुख्य गेट पर ताला ठोक दिया। ग्रामीणों ने रोष जताते हुए कहा कि सरकार ग्रामीण अंचलों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने की बड़ी-बड़ी बातें करती है, लेकिन हकीकत में बुजुर्गों, महिलाओं और गंभीर मरीजों को समय पर प्राथमिक उपचार तक नसीब नहीं हो रहा है।

    पुलिस की समझाइश से खुला ताला, चिकित्सा प्रभारी ने दी सफाई

    अस्पताल में तालाबंदी और हंगामे की खबर मिलते ही बनेठी पुलिस चौकी की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने आक्रोशित ग्रामीणों को शांत कराया और उनकी जायज मांगों को नियमानुसार उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने का भरोसा देकर काफी मशक्कत के बाद ताला खुलवाया। दूसरी ओर, सीएचसी के चिकित्सा प्रभारी ने ग्रामीणों द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू रूप से चल रही हैं और सभी कर्मचारी मुस्तैदी से अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। हालांकि, ग्रामीणों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही स्टाफ की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित नहीं की गई, तो वे आगे बड़ा आंदोलन करेंगे।

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