नई दिल्ली: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने देश की सुरक्षा को चूना लगाने वाले एक बड़े अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क के खिलाफ देशव्यापी अभियान छेड़ दिया है। एनआईए की टीमों ने शुक्रवार सुबह एक साथ उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार और महाराष्ट्र में कुल 12 संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की। यह पूरी कार्रवाई पाकिस्तान से संचालित हो रहे एक बड़े ड्रोन तस्करी रैकेट से जुड़ी है, जिसका मुख्य आरोपी पाकिस्तानी ऑपरेटिव जसवीर चौधरी है। जसवीर और उसके भारतीय सहयोगियों पर सीमा पार से ड्रोन के जरिए घातक हथियार, गोला-बारूद और आईईडी (IED) जैसी विस्फोटक सामग्रियां भारत भेजने का गंभीर आरोप है।
4 राज्यों में एनआईए की ताबड़तोड़ छापेमारी
आतंकी साजिश की कड़ियों को जोड़ने के लिए एनआईए देश के चार राज्यों में पूरी ताकत से तलाशी अभियान चला रही है। इसके तहत:
उत्तर प्रदेश: 5 अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी।
महाराष्ट्र: 3 संदेहास्पद ठिकानों पर दबिश।
राजस्थान: 2 प्रमुख ठिकानों पर एनआईए का ऐक्शन।
बिहार: 2 ठिकानों पर दस्तावेजों की खंगाल।
इस व्यापक तलाशी के दौरान एनआईए ने कई महत्वपूर्ण डिजिटल उपकरण (मोबाइल, लैपटॉप), बैंक दस्तावेज और संदिग्ध सामग्रियां जब्त की हैं। जांच अधिकारियों के मुताबिक, इस नेटवर्क का मुख्य उद्देश्य भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा का फायदा उठाकर पंजाब, दिल्ली और देश के अन्य महानगरों में हथियारों की खेप पहुंचाना था, ताकि भीड़भाड़ वाले इलाकों में बड़े आतंकी हमलों को अंजाम देकर देश में दहशत फैलाई जा सके।
सिरसा ग्रेनेड हमला: 2 पाकिस्तानियों समेत 9 पर चार्जशीट
इस देशव्यापी छापेमारी के बीच, एनआईए ने हरियाणा के सिरसा में हुए महिला थाना ग्रेनेड हमले के मामले में भी एक बहुत बड़ी सफलता हासिल की है। केंद्रीय एजेंसी ने इस आतंकी घटना की जांच पूरी करते हुए दो पाकिस्तानी नागरिकों सहित कुल 9 खतरनाक आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट (आरोप पत्र) दाखिल कर दी है। एनआईए की चार्जशीट से खुलासा हुआ है कि पाकिस्तान में बैठकर भारत के खिलाफ साजिश रच रहे गैंगस्टर से आतंकी बने शाहजाद भट्टी के इशारे पर ही हरियाणा और पंजाब में पुलिस थानों व सरकारी ठिकानों को निशाना बनाया गया था।
सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को फंसाने की साजिश
पकड़े गए और नामजद किए गए सभी आरोपियों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (UAPA), भारतीय न्याय संहिता (BNS) और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की बेहद सख्त धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। एनआईए ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि शाहजाद भट्टी का नेटवर्क सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड (गोपनीय) मैसेजिंग ऐप्स के जरिए भारत के सीधे-साधे युवाओं को बरगला कर उन्हें कट्टरपंथ की राह पर धकेल रहा था। फिलहाल एनआईए की कई टीमें इस केस से जुड़े कुछ अन्य फरार आरोपियों और उनके स्थानीय मददगारों की तलाश में लगातार दबिश दे रही हैं।


