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    स्मृति शेष : जगदीश जी, जिन्होंने नई पीढ़ी को दिशा दी, समाज में नाम कमाया

    जनवरी माह में जगदीश जी को  केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने किया था जैन आइकॉनस  से सम्मानित 

    अलवर । गढ़ी सवाईराम के प्रतिष्ठित सामाजिक कार्यकर्ता और नई पीढ़ी के प्रेरणास्रोत्र रहे जगदीश प्रसाद जैन का गत 27 मई को निधन हो गया । वे पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे। उनके निधन के कारण न सिर्फ परिवार में बल्कि समाज में भी शोक की लहर दौड़ गई है। उनके तीये की बैठक 31 मई रविवार को उनके पैतृक गांव गढ़ीसवाईराम के वृद्ध आश्रम में रखी गई है। 

    जगदीश प्रसाद जैन की जीवन-यात्रा संघर्ष की राह से निकलकर सफलता और सम्मान के शिखर तक पहुँची । अगर उनके पुराने समय के संघर्ष को देखे तो वर्ष 1970 का समय था, जब जगदीश प्रसाद जैन ने गाँव में ही एक छोटी-सी चाय की दुकान लगाई। जीवन की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए बहुत कम साधन थे, लेकिन संकल्प अटूट था। लगभग सात वर्षों तक यह साधारण-सी दुकान ही परिवार का आधार बनी रही। धीरे-धीरे परिस्थितियाँ बदलीं और 1977 में उन्होंने पत्थर का छोटा व्यवसाय शुरू किया, जिसने आगे चलकर स्टोन व्यापार का रूप ले लिया। यह परिवर्तन केवल व्यवसाय का नहीं था, बल्कि दिशा और दृष्टि का था।

    कारोबार धीरे-धीरे गति पकड़ रहा था और साथ ही बच्चे भी अपने भविष्य की तैयारियों में जुट रहे थे। इसी संघर्षमय समय के दौरान उनकी धर्मपत्नी माया देवी जैन का सराहनीय योगदान रहा। माया देवी जैन ने गृहस्थी को संभालने के साथ-साथ बच्चों की बेहतर संस्कारों से परवरिश की। जगदीश जी इस सफलता को उनके सहयोग के बिना प्राप्त नहीं कर सकते थे।

    जगदीश जी के दोनों बेटे जयदीप कुमार जैन और जितेन्द्र कुमार जैन बचपन से ही पिता के परिश्रम को देखकर बड़े हुए। यही प्रेरणा उनके भीतर दृढ़ता और कर्मठता का बीज बोती रही।अब दोनों भाई अपने-अपने क्षेत्र में व्यापार को संभालते हुए निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर हैं। वर्तमान में जहाँ जयदीप जैन गाँव गढ़ी में जिम्मेदारियाँ संभाल रहे हैं, वहीं जितेन्द्र जैन अलवर शहर से बड़े स्तर के संचालन में लगे हुए हैं।

     जैन आइकॉनस से भी सम्मानित किया गया था जगदीश जी को 

    स्वास्थ्य कारणों से वे नहीं आ सके थे तो उनके पुत्र को दिया गया सम्मान पत्र
    स्वास्थ्य कारणों से वे नहीं आ सके थे तो उनके पुत्र को दिया गया सम्मान पत्र

    जगदीश प्रसाद जी को मिशन सच की ओर से 25 जनवरी 2026 को अलवर में आयोजित एक समारोह में जैन आइकॉनस अलवर के रूप में भी सम्मानित किया गया। उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं होने के कारण वे स्वयं इस कार्यक्रम में नहीं आ सके थे , इस कारण उनके पुत्र व पौत्र को यह सम्मान दिया गया। मिशन सच परिवार उनके निधन पर शोक व्यक्त करता है व ईश्वर से प्रार्थना करता है कि उनके परिवार को उनके निधन के कारण हुई क्षति को सहने करने की शक्ति प्रदान करे व जगदीश जी को अपने श्रीचरणों में स्थान दे।

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