More
    Homeदेशतेज बारिश का असर, भगवान जगन्नाथ को नहीं पहनाया गया मुकुट, रथयात्रा...

    तेज बारिश का असर, भगवान जगन्नाथ को नहीं पहनाया गया मुकुट, रथयात्रा शुरू होने को तैयार

    पुरी: ओडिशा के पवित्र धाम पुरी में विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा का भव्य आगाज हो गया है। पारंपरिक 'पहंडी' रस्म के साथ भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई भगवान बलभद्र और बहन देवी सुभद्रा भव्य रथों पर विराजमान हो चुके हैं। पुरी में इस समय मूसलाधार बारिश हो रही है, जिसके चलते इस बार महाप्रभु जगन्नाथ को बिना मुकुट पहनाए ही मंदिर के गर्भगृह से बाहर लाया गया। मौसम की विपरीत परिस्थितियों को देखते हुए भगवान के विग्रह को हमेशा की तरह झुलाते हुए लाने के बजाय बेहद सावधानीपूर्वक धीरे-धीरे रथ तक पहुँचाया गया।

    सोने की झाड़ू से होगी सफाई, भक्त खींचेंगे रथ

    रथयात्रा का मुख्य उत्सव अब से कुछ ही पलों में शुरू होने वाला है। परंपरा के अनुसार, पुरी के गजपति महाराजा दिव्यसिंह देव सोने की झाड़ू से तीनों रथों के आगे की सड़क की सफाई करेंगे, जिसे 'छेरा पंहरा' रस्म कहा जाता है। इस पवित्र अनुष्ठान के संपन्न होते ही लाखों श्रद्धालु जयकारों के बीच भगवान के रथों को खींचना शुरू करेंगे। भक्त इन विशाल रथों को खींचकर करीब 3 किलोमीटर दूर स्थित मौसी मां के घर यानी गुंडिचा मंदिर तक ले जाएंगे।

    अहमदाबाद में कड़ी सुरक्षा के बीच निकली रथयात्रा, हाथी रहे जंजीरों में

    ओडिशा के साथ-साथ गुजरात के अहमदाबाद में भी भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा पूरी आस्था के साथ निकाली जा रही है। पिछले साल रथयात्रा के दौरान तीन हाथियों के बेकाबू होने की घटना से सबक लेते हुए इस बार प्रशासन बेहद सतर्क है। सुरक्षा के मद्देनजर इस साल हाथियों के पैरों को जंजीरों से बांधकर लाया गया है। सुरक्षा व्यवस्था इतनी कड़ी है कि जैसे ही यात्रा खड़िया पोल इलाके में पहुंची, एहतियात के तौर पर आम लोगों को तुरंत सड़क से पीछे हटा दिया गया।

    अमित शाह ने की मंगला आरती, सीएम ने दिखाई हरी झंडी

    अहमदाबाद के प्रसिद्ध जमालपुर जगन्नाथ मंदिर में सुबह ठीक 4 बजे भगवान की विशेष मंगला आरती की गई, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हिस्सा लिया और देश की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी ने 'पहिंद विधि' के तहत सोने की झाड़ू से भगवान के रथ का रास्ता साफ किया और रथयात्रा को आधिकारिक तौर पर गंतव्य के लिए रवाना किया।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here