शहजादपुर। स्थानीय थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव शहजादपुर माजरा में बेखौफ बदमाशों ने एक सूने मकान को अपना निशाना बनाते हुए करीब 40 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति पर हाथ साफ कर दिया। शातिर चोरों ने इस सनसनीखेज वारदात को उस समय अंजाम दिया जब गृहस्वामी अपने पूरे कुनबे के साथ धार्मिक यात्रा पर गए हुए थे। कंक्रीट और लोहे के सुरक्षा घेरे को ध्वस्त कर की गई इस बड़ी डकैती नुमा चोरी से पूरे ग्रामीण अंचल में दहशत और असुरक्षा का माहौल व्याप्त हो गया है।
धार्मिक यात्रा पर गया था परिवार, पीछे से उखाड़ दिया सुरक्षा जाल
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शहजादपुर माजरा के रहने वाले डॉ. विवेक बराड़ 30 मई की रात को अपने मकान का मुख्य द्वार अच्छे से लॉक कर सपरिवार ब्यास (धार्मिक स्थल) के लिए रवाना हुए थे। इसी सूनेपन का फायदा उठाकर शातिर अपराधियों ने मकान के पिछले हिस्से का ताला चटकाया और मजबूत लोहे के सुरक्षा जाल को औजारों की मदद से उखाड़ फेंका। घर के भीतर दाखिल होकर चोरों ने लॉकरों को निशाना बनाया और अलमारियों के ताले तोड़कर उसमें रखी पुश्तैनी व शादियों के लिए संजोकर रखी गई करीब 40 तोला सोने की ज्वेलरी और लगभग 5 किलोग्राम चांदी के कीमती आभूषणों को बटोर लिया। इसके अलावा, लॉकर में सुरक्षित रखी गई 11 लाख रुपये की मोटी नकदी भी समेट कर फरार हो गए।
लौटने पर खुला कमरों का ताला, बिखरा सामान देख उड़े होश
इस महाचोरी का पर्दाफाश तब हुआ जब पीड़ित डॉ. विवेक बराड़ अगले दिन यानी 31 मई की रात करीब पौने दस बजे वापस अपने निवास स्थान पर पहुंचे। जैसे ही उन्होंने घर का ताला खोलकर भीतर प्रवेश किया, वहां का मंजर देखकर उनका पूरा परिवार सन्न रह गया। कमरों के भीतर रखी अलमारियां खुली पड़ी थीं, तिजोरी का दरवाजा टूटा हुआ था और कीमती सामानों के डिब्बे जमीन पर बिखरे हुए थे। सारा सोना, चांदी और कैश गायब पाकर गृहस्वामी ने बिना एक पल गंवाए तुरंत पड़ोसियों को इकट्ठा किया और डायल 112 के माध्यम से स्थानीय पुलिस को मामले की इत्तिला दी।
सीसीटीवी खंगालने में जुटी पुलिस, एएसआई को सौंपी गई कमान
बड़ी सेंधमारी की सूचना पाकर शहजादपुर थाना पुलिस की टीम दलबल के साथ फौरन मौके पर पहुंची और क्राइम सीन का बारीकी से मुआयना किया। हालांकि, शुरुआती तफ्तीश और स्थानीय लोगों से की गई पूछताछ में चोरों का कोई सीधा सुराग हाथ नहीं लग सका है। थाना प्रभारी ओमचंद ने बताया कि अज्ञात चोरों के विरुद्ध सुसंगत कानूनी धाराओं के तहत मामला पंजीकृत कर लिया गया है। इस अंधे मामले के खुलासे और आरोपियों की धरपकड़ के लिए सहायक उप-निरीक्षक (एएसआई) संदीप कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई है। पुलिस गांव और आसपास के मुख्य मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाल रही है, ताकि संदिग्धों के हुलिए और भागने के रास्तों की पहचान कर उन्हें जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जा सके।


