मुरैना: जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय एक बार फिर गंभीर विवादों और चर्चाओं के केंद्र में आ गया है। वर्षों पुराने बेहद महत्वपूर्ण शैक्षणिक रिकॉर्ड (Academic Records) के रहस्यमयी तरीके से गायब होने के बाद, अब कार्यालय परिसर में ही सरकारी फाइलें और दस्तावेज जलाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इस घटना ने शिक्षा विभाग की पूरी कार्यप्रणाली और गोपनीयता पर बड़े सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।
1980 से 2000 तक का रिकॉर्ड संकट में
मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यह रिकॉर्ड सीधे तौर पर हजारों पूर्व छात्रों के भविष्य से जुड़ा हुआ है:
लापरवाही की हद: बताया जा रहा है कि कार्यालय की परीक्षा शाखा में वर्ष 1980 से लेकर वर्ष 2000 तक के हजारों छात्र-छात्राओं से जुड़े बेहद महत्वपूर्ण दस्तावेज और अंकसूचियां सुरक्षित रखी गई थीं। लेकिन उचित रखरखाव और सुरक्षा के अभाव में इनमें से अधिकांश रिकॉर्ड पहले ही नष्ट होने की कगार पर पहुंच गया था।
वायरल वीडियो से सनसनी: इसी बीच सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो ने हड़कंप मचा दिया, जिसमें कार्यालय का ही एक कर्मचारी परिसर के भीतर भारी मात्रा में कागजात और फाइलों जैसी सामग्री को खुलेआम आग के हवाले करता हुआ साफ दिखाई दे रहा है।
विभाग की सफाई: 'केवल अनुपयोगी सामग्री जलाई गई'
वीडियो के व्यापक रूप से प्रसारित होने और फाइलों को नष्ट करने के आरोपों के बाद विभागीय अधिकारियों को सामने आकर सफाई देनी पड़ी है:
कर्मचारी का दावा: वीडियो में दिख रहे कार्यालय के कर्मचारी सुरेश शाक्य ने अपना बचाव करते हुए कहा कि यह वीडियो पुराना है और वह फाइलों को नहीं, बल्कि परिसर में जमा हुए सूखे पत्तों और कुछ अनुपयोगी रद्दी सामग्री को जला रहा था।
अधिकारी का पक्ष: मामले ने तूल पकड़ा तो जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने भी इस पर बयान जारी किया। उन्होंने दावा किया कि जिन फाइलों को आग लगाई गई, वे पूरी तरह से अनुपयोगी, कबाड़ और खराब हो चुकी थीं। विभाग का कहना है कि किसी भी तरह के चालू या महत्वपूर्ण सरकारी रिकॉर्ड को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया गया है।
दस्तावेजों के गायब होने पर निष्पक्ष जांच की मांग
विभागीय सफाई के बावजूद स्थानीय नागरिकों, छात्र संगठनों और प्रबुद्ध वर्ग का गुस्सा शांत नहीं हो रहा है। लोगों का सवाल है कि यदि जलाई गई फाइलें केवल 'रद्दी' थीं, तो पिछले कई वर्षों का महत्वपूर्ण शैक्षणिक रिकॉर्ड आखिर कहां गायब हो गया?


